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सुपर स्पेशलिटी में शराबखोरी! न्यूरोलॉजी वार्ड से 8 बोतलें मिलने पर मचा हड़कंप

March 12, 2026

  • सुरक्षा पर बड़ा सवाल न्यूरोलॉजी वार्ड में शराब की बोतलें, प्रबंधन बेखबर

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के न्यूरोलॉजी वार्ड में भर्ती एक मरीज के पास से आठ शराब की बोतलें मिलने के बाद पूरे वार्ड में हड़कंप मच गया। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वार्ड के अंदर कैसे पहुंची शराब की बोतलें
जानकारी के अनुसार न्यूरोलॉजी वार्ड में भर्ती एक मरीज के पास से अचानक शराब की कई बोतलें बरामद हुईं। जब यह बात वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों और उनके परिजनों को पता चली तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि इतनी संख्या में शराब की बोतलें वार्ड के अंदर तक पहुंच जाना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।


  • सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
    सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा आने-जाने वाले लोगों की सख्ती से जांच नहीं की जाती। इसी वजह से कई लोग अस्पताल परिसर के अंदर तक गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीली चीजें लेकर पहुंच जाते हैं। परिजनों का कहना है कि कई वार्डों में खुलेआम राजश्री गुटखा और तंबाकू का सेवन किया जाता है, जिससे अस्पताल का वातावरण भी प्रभावित होता है।

    एक मरीज के साथ कई परिजन, बढ़ती है भीड़
    अस्पताल में एक और बड़ी समस्या मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की भीड़ को लेकर सामने आ रही है। नियमों के अनुसार एक मरीज के साथ सीमित संख्या में ही परिजन रह सकते हैं, लेकिन कई बार एक मरीज के साथ चार से पांच लोग तक वार्ड में मौजूद रहते हैं। इससे वार्ड में भीड़ और शोर-शराबा बढ़ जाता है।

    मछली बाजार जैसा हो जाता है माहौल
    मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि कई बार वार्ड की स्थिति मछली बाजार जैसी हो जाती है। भीड़ और अव्यवस्था के कारण गंभीर मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि यदि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तो इस तरह की समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

    बेहतर सुविधाओं के लिए बना था सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
    गौरतलब है कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर इलाज व्यवस्था के उद्देश्य से बनाया गया था। यहां प्रदेश के कई जिलों से गंभीर बीमारियों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में अस्पताल के अंदर इस तरह की घटनाएं सामने आना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों द्वारा इन समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।

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