
इंदौर। राज्य सरकार द्वारा भेजे गए उच्च अधिकारियों द्वारा यह फैसला लिया गया है कि भागीरथपुरा में स्थित सभी सरकारी बोरिंग को सील कर दिया जाएगा। वहां पर नर्मदा पेयजल योजना की लाइन में बोरिंग का पानी नहीं दिया जाएगा। शहर में स्थित सभी 105 टंकी से होने वाले जलप्रदाय पर नजर रखी जाएगी। नागरिकों को शुद्ध पानी देने के लिए आज से राज्य स्तरीय अभियान शुरू किया जाएगा।
यह सभी फैसले कल देर शाम को संभाग आयुक्त कार्यालय में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और नीरज मंडलोई द्वारा ली गई बैठक में लिए गए। बैठक के बाद दोनों अधिकारियों ने बताया कि भागीरथपुरा में बड़ी संख्या में सरकारी बोरिंग ऐसे हैं, जिनका पानी नर्मदा की लाइन में डाला जाता है। यह अपनी इस नर्मदा लाइन के माध्यम से लोगों के घरों में नलों तक पहुंचता है। अब इस तरह के सभी बोरिंग को सील कर दिया जाएगा। नर्मदा की लाइन में केवल नर्मदा का पानी ही जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर में नागरिकों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पानी मिल सके इसके लिए सभी 105 टंकी पर नई व्यवस्था को आकार दिया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत इन टंकी पर कम्प्यूटर पर आधारित उपकरण लगाए जाएंगे, जिसके माध्यम से रियल टाइम वाटर क्वालिटी की जानकारी मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि आज से प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है। जब इन अधिकारियों से पूछा गया कि क्या प्रदेश सरकार द्वारा इंदौर और पूरे प्रदेश में पानी का ऑडिट कराया जाएगा तो उन्होंने कहा कि इस नए अभियान में ही इस तरह की सारी चीज शामिल होगी।
कैसे होगा शिकायतों का निराकरण
इन अधिकारियों को जब बताया गया कि आज भी सीएम हेल्पलाइन और 311 ऐप पर सबसे ज्यादा शिकायत गंदे पानी और ड्रेनेज की लाइन के चोक होने की आती है। इन शिकायतों का कोई समाधान नहीं होता है और यह लंबित रहती हैं तो इनका समाधान कैसे होगा? इस प्रश्न का भी इन अधिकारियों के पास कोई सीधा जवाब नहीं था। उनका यही कहना था कि अब पूरे शहर में अभियान चलेगा तो इस तरह की शिकायतों का समाधान कर दिया जाएगा।
अब अन्य बीमारियों का भी करेंगे सर्वे
राजन ने बताया कि पूरे भागीरथपुरा क्षेत्र को 25 सेक्टर में बांटकर अब हर सेक्टर में अलग-अलग प्रभारी बनाए जाएंगे। अभी तक तो सरकारी अमले द्वारा हर घर में जाकर डायरिया और हैजा का सर्वे किया जा रहा था। अब यह देखा जाएगा कि इन घरों में मौजूद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अन्य क्या बीमारी है तथा उन पर क्या रिएक्शन हो रहा है। इसका पूरा विस्तृत सर्वे इस पूरे क्षेत्र में किया जाएगा।
अब तक नहीं मिला गड़बड़ी का पॉइंट
जब इन अधिकारियों से पूछा गया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल के कारण जो हालात बने हैं उसका कारण क्या था? क्या वह पॉइंट मिल गया है, जहां से भागीरथपुरा में दूषित जल पहुंचा? तो उनका कहना था कि लाइन की जांच में बहुत सारे लीकेज मिले हैं, जो कि सुधारे गए हैं। हो सकता है कि इन्हीं में से किसी स्थान से यह दूषित पानी मिला होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि अभी इस तरह का कोई एक स्पेसिफिक पॉइंट नहीं मिल सका है।
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