img-fluid

अमेरिकी सेना 23 साल बाद ईरान के पड़ोसी देश से लौटेगी, सितंबर 2026 तक पूरी होगी वापसी

July 15, 2026

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब 23 वर्षों से इराक (Iraq) में सैन्य मौजूदगी बनाए हुए अमेरिका (America) अब अपने सभी सैनिकों (Soldiers) को वापस बुलाने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि 30 सितंबर 2026 तक अमेरिकी सेना की इराक से पूरी वापसी हो जाएगी।

ट्रंप ने कहा कि अब इराक में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है और भविष्य में दोनों देशों के संबंध रक्षा के बजाय व्यापार, ऊर्जा और निवेश पर केंद्रित होंगे।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब हालिया अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद पश्चिम एशिया की रणनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। लंबे समय से ईरान इराक और पूरे क्षेत्र से अमेरिकी सेना हटाने की मांग करता रहा है। बीते वर्षों में ईरान समर्थित गुटों ने इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई रॉकेट और ड्रोन हमले भी किए। विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम को तेहरान के लिए रणनीतिक बढ़त के रूप में भी देखा जा रहा है।


  • हालिया तनाव के दौरान इराक और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने भी हमलों का निशाना बने, जबकि जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। लगातार बढ़ते तनाव के बीच वॉशिंगटन अब क्षेत्र में अपनी सैन्य नीति को नए सिरे से आकार देता दिखाई दे रहा है।

    सैन्य संबंधों की जगह आर्थिक साझेदारी
    राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सैनिकों की वापसी का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका इराक से पूरी तरह अलग हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तेल, ऊर्जा, निवेश और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत किया जाएगा।

    इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने भी कहा कि 30 सितंबर तक अमेरिकी सैनिक देश छोड़ देंगे, लेकिन अमेरिकी कंपनियां इराक के विकास और निवेश परियोजनाओं में सक्रिय रहेंगी। यानी दोनों देशों के रिश्ते अब सैन्य सहयोग के बजाय आर्थिक साझेदारी पर आधारित होंगे।

    2003 में शुरू हुआ था इराक मिशन
    अमेरिका ने वर्ष 2003 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के नेतृत्व में सद्दाम हुसैन की सरकार को हटाने के लिए इराक पर सैन्य अभियान शुरू किया था। उस समय इराक के पास व्यापक विनाश के हथियार होने का दावा किया गया था, लेकिन बाद में ऐसे हथियारों का कोई प्रमाण नहीं मिला। वर्ष 2007 तक इराक में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 1.7 लाख से अधिक पहुंच गई थी।

    ओबामा के दौर में हुई थी पहली वापसी
    साल 2011 में बराक ओबामा प्रशासन ने अधिकांश अमेरिकी सैनिकों को वापस बुला लिया था। हालांकि 2014 में आईएसआईएस के उभार के बाद इराक सरकार के अनुरोध पर अमेरिकी सैनिक दोबारा लौटे और आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ इराकी सेना को प्रशिक्षण देने का काम करते रहे। 2024 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के बाद सैनिकों की संख्या लगातार घटाई जाती रही और अब उनकी पूर्ण वापसी की समयसीमा तय कर दी गई है।

    संघर्ष के दौरान सैन्य नुकसान
    रिपोर्टों के अनुसार, हालिया ईरान संघर्ष के दौरान इराक में अमेरिकी सेना को भी नुकसान उठाना पड़ा। छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में इरबिल तथा ऐन अल-असद जैसे सैन्य ठिकानों पर गोदाम, हैंगर, रनवे और अन्य सैन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हुए। इसके अलावा सलाह अल-दीन प्रांत में ईरान समर्थित गुटों द्वारा एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराए जाने का भी दावा किया गया। कुछ रिपोर्टों में पूरे क्षेत्र में अमेरिका को 2.3 से 2.8 अरब डॉलर तक के सैन्य उपकरणों के नुकसान का अनुमान जताया गया है।

    Share:

  • शुक्र देव कल करेंगे नक्षत्र परिवर्तन... इन चार राशि वालों के लिए खुलेंगे धन के द्वार

    Wed Jul 15 , 2026
    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में सुख, समृद्धि, धन और वैभव के दाता माने जाने वाले शुक्र देव (Lord Shukra) 16 जुलाई 2026 को अपना नक्षत्र परिवर्तन (Shukra Nakshatra Gochar 2026) करने जा रहे हैं. शुक्र देव (Lord Shukra) इस दिन सिंह राशि (Leo) में रहते हुए मघा नक्षत्र (Magha Nakshatra) से निकलकर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र (Purva […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved