
68 लाख रुपए के सिस्टम से क्लोरिन की मात्रा जांचने के साथ-साथ अन्य सुरक्षा कार्य भी हो सकेंगे
इन्दौर। जलूद (Jalud) से ही नर्मदा (Narmada) के पानी में क्लोरिन (chlorine) मिलाकर भेजा जाता है, लेकिन कई जगह लाइनें फूटने और कुछ अन्य कारणों के चलते क्लोरिन उड़ जाता है। इसी के चलते नगर निगम बिजलपुर स्थित कंट्रोल रूम पर ऑटोमैटिक क्लोरिन गैस हैंडलिंग सिस्टम लगाने जा रहा है। इससे क्लोरिन की मात्रा जांची जा सकेगी और साथ ही क्लोरिन के लिए सुरक्षा के उपाय भी हो सकेंगे।
नगर निगम अधिकारियों ने पूर्व में बिजलपुर स्थित कंट्रोल रूम पर कई सुविधाएं जुटाई थीं, ताकि वहां दिक्कतें न आएं और पानी की निगरानी के लिए कई मशीनें भी लगाई गई हैं। दो साल पहले नगर निगम ने बिजलपुर कंट्रोल रूम पर पानी की पड़ताल के लिए क्लोरिनेटर लगाया था और अब उसी के साथ ऑटोमैटिक क्लोरिन गैस हैंडलिंग सिस्टम लगाने की तैयारी है। जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा के मुताबिक यह सिस्टम 68 लाख से अधिक की राशि का रहेगा और इसकी मदद से वहां पानी में क्लोरिन की मात्रा न केवल जांची जा सकेगी, बल्कि आवश्यकता पडऩे पर क्लोरिन उस पानी में मिलाया भी जा सकेगा। इसके साथ ही क्लोरिन की सुरक्षा के लिए ही यह सिस्टम बेहद उपयोगी रहेगा। इसके लिए निगम द्वारा टेंडर जारी किए गए हैं। आने वाले दिनों में वहां काम शुरू कराया जाएगा। शहरभर में 105 टंकियों से नर्मदा का 450 एमएलडी से ज्यादा पानी हर रोज सप्लाय किया जाता है और टंकियों की मानीटरिंग के लिए मूसाखेड़ी में स्काडा सिस्टम के माध्यम से निगरानी भी की जाती है।
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