
नई दिल्ली: ईरान (Iran) ने अपनी हवाई सीमा यानी एयरस्पेस (Airspace) को अचानक पूरी तरह बंद कर दिया है जिससे दुनिया भर की उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है. राहत की बात यह रही कि जॉर्जिया से दिल्ली (Delhi) आ रही इंडिगो की फ्लाइट (Indigo flight) 6E1808 ईरान के इस आदेश के लागू होने के कुछ मिनट पहले ही वहां के आसमान को पार कर गई थी. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक जब इस विमान ने ईरान की सीमा छोड़ी उसके थोड़ी ही देर बाद वहां की सरकार ने हवाई रास्ता बंद करने का फैसला लिया. अगर यह फ्लाइट जरा भी देरी से चलती तो इसे किसी दूसरे देश की तरफ मोड़ना पड़ता या इसे गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता था.
तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान सरकार का कड़ा फैसला
ईरान में पिछले कुछ दिनों से सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और इसी आंतरिक तनाव को देखते हुए वहां के प्रशासन ने हवाई रास्ता बंद करने का आदेश जारी किया है. जानकारी के मुताबिक ईरान में मची अशांति और हिंसा में अब तक 2400 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जिसके बाद वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ईरान का हवाई रास्ता पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला एक मुख्य रूट माना जाता है इसलिए इसके बंद होने से इंटरनेशनल फ्लाइट्स का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है. युद्ध और हमलों की आशंका को देखते हुए इराक के ऊपर का आसमान भी खाली नजर आ रहा है.
भारतीय एयरलाइंस ने जारी की चेतावनी और यात्रियों की बढ़ी मुसीबतें
ईरान का रास्ता बंद होने के बाद इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी बड़ी भारतीय कंपनियों ने अपने यात्रियों को अलर्ट कर दिया है. एयरलाइंस का कहना है कि अब फ्लाइट्स को दूसरे लंबे रास्तों से उड़ान भरनी पड़ेगी जिससे न केवल समय ज्यादा लगेगा बल्कि कई उड़ानों को रद्द भी करना पड़ सकता है. एयर इंडिया ने बताया है कि जो रास्ते बदले जा सकते हैं वहां देरी होगी और जहां कोई दूसरा विकल्प नहीं है वहां की फ्लाइट्स कैंसल की जा रही हैं. कंपनियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस एक बार जरूर चेक कर लें ताकि उन्हें परेशानी न हो.
मिडिल ईस्ट में बढ़ता टकराव और बड़े हमले की आशंका
ईरान द्वारा अचानक एयरस्पेस बंद किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. कुछ सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा मिडिल ईस्ट के अपने बड़े बेस से सैनिकों को हटाना किसी बड़े हमले का संकेत हो सकता है. इससे पहले भी इजरायल के साथ विवाद के दौरान ईरान ने अपना आसमान बंद किया था लेकिन इस बार हालात ज्यादा खराब नजर आ रहे हैं. पश्चिमी देशों की सेनाओं की गतिविधियों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि तेहरान के आसपास का इलाका आने वाले दिनों में और ज्यादा अशांत हो सकता है जिसका सीधा असर हवाई यात्राओं और तेल की कीमतों पर पड़ेगा.
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