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अनिल चक्रवर्ती बने एडोबी के सीईओ, बीएचयू से एमआईटी तक का सफर और एआई युग की बड़ी चुनौतियां जानें

September 05, 2026

नई दिल्ली ।भारतीय मूल के तकनीकी विशेषज्ञ अनिल चक्रवर्ती (Anil Chakravarty) ने दुनिया की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों (Software Companies) में शामिल एडोबी (Adobe) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) का पद संभाल लिया है। उनके साथ कंपनी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। करीब 18 वर्षों तक एडोबी का नेतृत्व करने वाले शांतनु नारायण (Shantanu Narayen) अब कार्यकारी चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे।

फोटोशॉप और इलस्ट्रेटर जैसे लोकप्रिय सॉफ्टवेयर के लिए पहचानी जाने वाली एडोबी इस समय तकनीकी बदलाव के एक अहम दौर से गुजर रही है। जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने डिजाइन, फोटो एडिटिंग, वीडियो निर्माण और डिजिटल कंटेंट तैयार करने के तरीके को तेजी से बदला है। ऐसे में कंपनी को अपने पारंपरिक उत्पादों की ताकत बनाए रखने के साथ एआई आधारित सेवाओं को और प्रभावी बनाना होगा।

अनिल चक्रवर्ती की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब एडोबी के सामने बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और निवेशकों के भरोसे से जुड़ी चुनौतियां भी हैं। कंपनी के लिए आने वाला दौर यह तय कर सकता है कि वह रचनात्मक सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति को किस तरह बनाए रखती है।

चक्रवर्ती की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने आईआईटी बीएचयू से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया और इसके बाद मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मास्टर डिग्री तथा पीएचडी पूरी की। तकनीकी शिक्षा के साथ उन्होंने वैश्विक कंपनियों में प्रबंधन और कारोबारी नेतृत्व का लंबा अनुभव हासिल किया है।

एडोबी में शामिल होने से पहले चक्रवर्ती इनफॉर्मेटिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने मैकिन्से, सिमेंटेक और वेरीसाइन जैसी कंपनियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। जनवरी 2020 में एडोबी से जुड़ने के बाद उन्होंने कंपनी के डिजिटल एक्सपीरियंस कारोबार में नेतृत्व किया और एआई आधारित पहलों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।

उनके सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में जनरेटिव एआई का तेजी से विस्तार शामिल है। मिडजर्नी और ओपनएआई जैसी तकनीकों ने ऐसे उपकरण उपलब्ध कराए हैं, जिनसे उपयोगकर्ता कम तकनीकी विशेषज्ञता के बावजूद तस्वीरें, डिजाइन और अन्य डिजिटल सामग्री तैयार कर सकते हैं। इससे पेशेवर रचनात्मक सॉफ्टवेयर की उपयोगिता और मूल्य को लेकर बाजार में नई प्रतिस्पर्धा पैदा हुई है।

एडोबी को कैनवा और फिग्मा जैसी कंपनियों से भी दबाव मिल रहा है। ब्राउजर आधारित और अपेक्षाकृत आसान डिजाइन टूल्स ने नए उपयोगकर्ताओं तथा छोटे कारोबारों के बीच अपनी जगह बनाई है। इसलिए चक्रवर्ती के सामने एडोबी के मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने के साथ नए उपयोगकर्ताओं तक पहुंच बढ़ाने की चुनौती होगी।

वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी को निवेशकों का भरोसा मजबूत करना होगा। कंपनी के शेयरों में हाल के वर्षों में गिरावट दर्ज हुई है और वित्तीय नेतृत्व में बदलाव ने भी बाजार का ध्यान खींचा है। ऐसे माहौल में नई रणनीति को कारोबारी प्रदर्शन में बदलना चक्रवर्ती के लिए महत्वपूर्ण होगा।


  • शांतनु नारायण के कार्यकाल में एडोबी ने अपने कारोबारी मॉडल में बड़ा बदलाव किया था। सीडी के जरिए सॉफ्टवेयर बेचने की पुरानी व्यवस्था से कंपनी को क्रिएटिव क्लाउड जैसे सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल की ओर ले जाना उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में रहा। अब चक्रवर्ती के सामने इसी विरासत को एआई के नए दौर के अनुरूप आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।

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