मुंबई। बॉलीवुड में वर्किंग आवर्स को लेकर जारी बहस के बीच निर्देशक अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर किसी कलाकार की शर्तें आपको ठीक नहीं लगतीं, तो उनके साथ काम करने के लिए आप बाध्य नहीं हैं।
दीपिका पादुकोण द्वारा कथित तौर पर 8 घंटे की शिफ्ट की मांग के बाद शुरू हुई वर्क-लाइफ बैलेंस बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से तूल दिया गया।
‘इतनी सीधी सी बात है’
पत्रकार शुभंकर मिश्रा को दिए इंटरव्यू में अनुभव सिन्हा ने कहा,
“अगर कोई एक्टर दिन में छह घंटे काम करना चाहता है और आप इससे ठीक नहीं हैं, तो उस एक्टर के साथ काम न करें। यह इतनी सिंपल बात है।”
उनका मानना है कि इंडस्ट्री में समझौते और बातचीत सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
‘मुल्क’ के दौरान ऋषि कपूर से हुआ समझौता
अनुभव सिन्हा ने अपनी फिल्म ‘मुल्क’ की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि ऋषि कपूर ने स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद नाइट शूट से परहेज जताया था।
“चिंटू जी ने कहा कि वे नाइट शूट नहीं करना चाहते। हमने बात की और तय किया कि वे चार रात शूट करेंगे। बाद में पांच रात हो गई, लेकिन हम मैनेज कर गए।”
सिन्हा ने कहा कि चूंकि वे फिल्म में ऋषि कपूर को ही चाहते थे, इसलिए उनके साथ तालमेल बिठाने में कोई दिक्कत नहीं हुई।
दीपिका विवाद पर क्या कहा?
दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट मांग से जुड़े विवाद पर अनुभव ने कहा कि वे गॉसिप पर विश्वास नहीं करते।
“मैंने दीपिका के साथ काम नहीं किया है। लेकिन जिन लोगों ने उनके साथ काम किया है, उन्होंने कहा कि वह काम करने के लिए एक मजेदार एक्ट्रेस हैं।”
उन्होंने दोहराया कि अगर किसी कलाकार की मांगें प्रोड्यूसर या निर्देशक को गलत लगती हैं, तो विवाद खड़ा करने के बजाय सीधे पेशेवर फैसला लेना चाहिए।
‘मतभेद निजी रखें’
अनुभव सिन्हा ने कहा,
“हर घर में मतभेद होते हैं, लेकिन आप छत पर जाकर चिल्लाते नहीं हैं। अगर आपको कोई एक्टर पसंद नहीं है, तो उन्हें निकाल दें। पहले भी एक्टर्स और डायरेक्टर्स को बदला गया है।”
उनका मानना है कि इस पूरे मामले को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया गया। इंडस्ट्री में संवाद और आपसी समझ से ऐसे मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं।








