
गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव (assembly elections) से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा असम बीजेपी का दामन थाम लिया है। वो अध्यक्ष दिलीप सैकिया और सांसद बैजयंत पांडा की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए। बोरा ने बीजेपी में शामिल होने से पहले शुक्रवार रात को अतिथि गृह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
बोरा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा और लखीमपुर के विधायक मनाब डेका की मौजूदगी में शाह से मुलाकात की थी। बैठक के बाद बोरा ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें शाह से मिलने के लिए कहा था, इसलिए वह उनसे शिष्टाचार भेंट करने आए थे।
अमित शाह से की थी मुलाकात
उन्होंने दावा किया कि आठ मार्च तक आत्मसम्मान और राज्य के प्रति ‘राष्ट्रवादी’ भावना रखने वाले लगभग 50 प्रतिशत कांग्रेस सदस्य बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। बोरा सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पार्टी आला कमान ने इसे स्वीकार नहीं किया और वरिष्ठ नेता उनके आवास पर मिलने पहुंचे। राहुल गांधी ने भी उनसे फोन पर बात की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बोरा से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था, लेकिन अगले दिन मुख्यमंत्री शर्मा उनके आवास पर पहुंचे और घोषणा की कि बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे।
कौन हैं भूपेन बोरा
भूपेन बोरा का जन्म असम में हुआ। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। युवावस्था में ही वे कांग्रेस विचारधारा से जुड़े और धीरे-धीरे पार्टी संगठन में अहम भूमिकाएं निभाते गए। वे असम विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं और विधायक के तौर पर उन्होंने अपने क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाया। वो 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष रह चुके हैं। वो संगठनात्मक राजनीति में मजबूत पकड़ के लिए पहचाने जाते हैं। बोरा को जमीनी कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाला नेता माना जाता है।
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