
सोफिया (बुल्गारिया) । भारत और बुल्गारिया (India and Bulgaria) के बीच द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral relations) को नई दिशा देने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने बुधवार को बुल्गारिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम बैठकें कीं। इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। जयशंकर ने बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रूमें रादेव (Prime Minister Rumen Radev) से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की ओर से शुभकामनाएं भी दीं।
रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर
बैठक के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों ने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और बुल्गारिया के बीच सहयोग को ‘डि-रिस्क और डायवर्सिफाई’ करना बेहद जरूरी है। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक्नोलॉजी, रक्षा, मोबिलिटी और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष फोकस किया।
AI और टेक्नोलॉजी पर भी चर्चा
विदेश मंत्री और बुल्गारिया नेतृत्व के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी को लेकर भी बातचीत हुई। दोनों देशों ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।
यूरोपीय संघ के साथ सहयोग पर फोकस
जयशंकर ने बताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के संदर्भ में भी दोनों देशों ने सहयोग के नए अवसरों पर विचार किया। उन्होंने कहा कि भारत और बुल्गारिया अपनी दीर्घकालिक मित्रता को एक आधुनिक और भविष्य उन्मुख साझेदारी में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ऐतिहासिक धरोहर का किया दौरा
अपनी यात्रा के दौरान एस जयशंकर ने सोफिया स्थित बुल्गारिया के राष्ट्रीय ऐतिहासिक संग्रहालय का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। इस संग्रहालय में 8,000 वर्षों से अधिक पुरानी ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े 7 लाख से अधिक संग्रह मौजूद हैं। बुल्गारिया दौरे के बाद विदेश मंत्री अब फिनलैंड जाएंगे, जहां वे ‘कुलतारंता वार्ता’ में हिस्सा लेंगे और फिनलैंड नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।
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