
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के लिए 144 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) को नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर से भी चुनाव लड़ाने का फैसला किया है, जहां से ममता बनर्जी चुनाव लड़ती हैं और वर्तमान में यहां से विधायक भी हैं. भाजपा में शामिल होने से पहले ममता बनर्जी के करीबी रहे सुवेंदु अधिकारी के भवानीपुर से चुनाव लड़ने के फैसले से एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव की प्रबल संभावना पैदा हो गई है.
बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था. लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उसके बाद भवानीपुर से टीएमसी विधायक सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने ममता के लिए अपनी सीट छोड़ने का फैसला किया था और यहां से वह उपचुनाव में जीतकर बंगाल विधानसभा में पहुंची थीं.
भाजपा द्वारा इस निर्वाचन क्षेत्र से अधिकारी को मैदान में उतारने का निर्णय तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व को उसके गढ़ में चुनौती देने की आक्रामक रणनीति का संकेत देता है. भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के रचयिता और महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार से संबंध रखने वाले सौमित्र चट्टोपाध्याय को नैहाटी से उम्मीदवार नामित किया गया है. घोषित उम्मीदवारों में से 41 वर्तमान विधायक और 3 पूर्व विधायक हैं.
बीजेपी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को खड़गपुर सदर से मैदान में उतारा है. बीजेपी ने अपनी फायरब्रांड महिला नेता अग्निमित्रा पॉल को आसनसोल दक्षिण से चुनाव लड़ाने का फैसला किया है, जबकि पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता राशबेहारी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे. बीजेपी ने कालीगंज से बापन घोष, डायमंड हार्बर से दीपक कुमार हलदर, आसनसोल उत्तर से कृष्णेंदु मुकर्जी, हासन से निखिल बनर्जी, कूचबिहार उत्तर से सुकुमार रॉय और सिलीगुड़ी से शंकर घोष को मैदान में उतारा है.
बीजेपी की पहली लिस्ट भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के एक दिन बाद आई है. आयोग ने बताया है कि बंगाल चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को कराए जाएंगे. असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सभी के लिए चुनाव प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए चरणों की संख्या कम करना जरूरी था.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना 4 मई को होगी. इसी दिन असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे. बता दें कि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीती थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी थी. पिछली बार राज्य में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे. निर्वाचन आयोग ने इस बार सिर्फ दो चरणों में बंगाल चुनाव कराने का फैसला किया है.
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