भोपाल। राजधानी भोपाल (Bhopal) में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों (LPG cylinders) की अवैध बिक्री और कालाबाजारी (Black marketing) के खिलाफ खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई (Food Department Action) की है। खजूरी सड़क इलाके में टीम ने बिना बिल और वैध परिवहन दस्तावेजों के ले जाए जा रहे गो-गैस कंपनी के 128 कमर्शियल सिलिंडरों से भरे दो वाहनों को जब्त किया है। आरोप है कि सीहोर डिपो से एजेंसियों तक पहुंचाए जाने वाले सिलिंडरों को रास्ते में ही ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंट संचालकों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था।
पेट्रोल पंप के पास रोके गए संदिग्ध वाहन
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के निर्देश पर और सहायक आपूर्ति अधिकारी संदीप भार्गव के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया था। टीम ने 11 अगस्त को खजूरी सड़क स्थित कुशवाहा पेट्रोल पंप के पास संदिग्ध वाहनों को रोककर जांच की।
अधिकारियों ने वाहन चालकों से सिलिंडरों के बिल और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद दोनों वाहनों में रखे सिलिंडरों की जांच की गई।
पूछताछ में वाहन चालकों ने बताया कि सिलिंडर निजी गो-गैस कंपनी की एजेंसियों के थे। इन्हें मिनाल स्थित शिव शक्ति एंटरप्राइजेज और नीलबड़ स्थित राधा रानी एंटरप्राइजेज तक पहुंचाया जाना था।
सिलिंडरों को सीहोर के डोड़ी स्थित डिपो से भरकर भोपाल की संबंधित एजेंसियों तक लाया जा रहा था। जांच के दौरान एक वाहन में 80 और दूसरे वाहन में 48 कमर्शियल सिलिंडर मिले।
कार्रवाई से पहले ही दो सिलिंडर बेचने का आरोप
खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि वाहन चालक और कर्मचारी सिलिंडरों को एजेंसियों तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही बेच रहे थे। कार्रवाई से कुछ समय पहले ही दो सिलिंडर ढाबों पर ऊंचे दाम में बेच दिए गए थे।
आरोप है कि बाकी सिलिंडरों को भी रास्ते में आने वाले ढाबों, होटलों और रेस्टोरेंट में बेचने की तैयारी थी। विभाग अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि इससे पहले कितने सिलिंडरों की इसी तरह अवैध बिक्री की जा चुकी है।
दोनों वाहन और सभी 128 सिलिंडर जब्त
दस्तावेज नहीं मिलने और अवैध बिक्री के आरोपों के बाद खाद्य विभाग ने दोनों वाहनों के साथ सभी 128 कमर्शियल सिलिंडर जब्त कर लिए। बरामद सिलिंडरों को दूसरी सरकारी गैस एजेंसी की सुपुर्दगी में दिया गया है।
वहीं, दोनों वाहनों को खजूरी सड़क और गांधीनगर थाने की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई
जिला आपूर्ति नियंत्रक के अनुसार, मामले में आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों को आगे की दंडात्मक कार्रवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की सप्लाई चेन और रास्ते में उनकी कथित अवैध बिक्री को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved