
नई दिल्ली। ग्लोबल इनवेस्टमेंट फर्म ब्लैकस्टोन (Global Investment Firm Blackstone) देश के प्राइवेट सेक्टर बैंक फेडरल बैंक (Federal Bank) में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के बेहद करीब पहुंच गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्तावित डील को भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) की मंजूरी मिल चुकी है। माना जा रहा है कि यह निवेश भारतीय बैंकिंग सेक्टर में हाल के वर्षों का एक अहम सौदा साबित हो सकता है। गुरुवार को बाजार बंद होने के समय फेडरल बैंक के शेयरों में हल्की तेजी देखने को मिली। बीएसई पर बैंक का शेयर 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 287.55 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
CCI की मंजूरी पहले ही मिल चुकी
ब्लैकस्टोन को इस प्रस्तावित 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी अधिग्रहण के लिए दिसंबर 2025 में प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की मंजूरी मिल चुकी है। इससे पहले, अक्टूबर 2025 में कोच्चि स्थित इस प्राइवेट बैंक ने जानकारी दी थी कि ब्लैकस्टोन ने वारंट्स के जरिए 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का प्रस्ताव रखा है।
फेडरल बैंक के अनुसार, ब्लैकस्टोन अपनी सहयोगी कंपनी Asia II Topco XIII Pte Ltd के माध्यम से बैंक में कुल 6,196.51 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस निवेश के तहत बैंक 2 रुपये के फेस वैल्यू पर 272.97 मिलियन वारंट्स जारी करेगा। इन वारंट्स का इश्यू प्राइस 227 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
बैंक ने बताया कि इन वारंट्स की वैधता अवधि जारी होने की तारीख से 18 महीने तक रहेगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ब्लैकस्टोन को फेडरल बैंक के बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त करने का अधिकार भी मिलेगा। इस निवेश के बाद ब्लैकस्टोन, फेडरल बैंक का सबसे बड़ा शेयरधारक बन जाएगा।
तीसरी तिमाही में फेडरल बैंक का मजबूत प्रदर्शन
फेडरल बैंक ने 16 जनवरी 2026 को अपने तिमाही नतीजे जारी किए थे। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 1,041 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल आधार पर 9 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इससे एक साल पहले इसी तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 955 करोड़ रुपये था।
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है। सकल एनपीए घटकर 1.72 प्रतिशत पर आ गया है, जबकि बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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