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ब्लडिंग… किडनी, लिवर फेल होने से हुई 9 प्रसूताओं की मौत

March 01, 2026

इंदौर में मातृ मृत्यु दर रोकने के लिए हर माह समीक्षा… हेल्थ विभाग की जांच में सामने आए ये कारण

21 से लेकर 36 साल की प्रसूताओं ने दम तोड़ा

इंदौर । मातृ (maternal) मृत्यु दर (mortality rate) को कम करने के लिए प्रसव के दौरान होने वाली प्रसूताओं (pregnant women)की मौत के कारणों की पड़ताल के चलते हेल्थ विभाग (Health Department) ने 9 प्रसूताओं की मौत की न सिर्फ जांच की, बल्कि विभागीय कर्मचारियों के कार्यों की गहन समीक्षा कर उन्हें सख्त दिशा निर्देश भी जारी किए। हेल्थ विभाग की जांच रिपोर्ट में 9 प्रसूताओं की मौत की ज्यादातर वजह प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्त्राव मतलब ज्यादा ब्लडिंग होना पाया गया है।

इसके अलावा जांच में जहां गर्भाशय का फट जाना या गर्भपात जैसे कारण भी सामने आए हैं, वहीं हाई ब्लड प्रेशर और फेफड़े से सम्बन्धित बीमारियां भी वजह प्रसूताओं की मृत्यु की वजह बनी है। हैरानी की बात यह है कि प्रसव के दौरान या प्रसव के कुछ घण्टों या दिनों बाद जिन प्रसूताओं ने दम तोड़ा, उनकी उम्र सिर्फ 21 से 36 साल की है। हेल्थ विभाग की जांच- पड़ताल में जिन 9 मृतक प्रसूताओं की जो रिपोर्ट और जानकारी सामने आई है, वह यह है।


  • हाई इंफेक्शन के चलते प्रसूता के लिवर, किडनी, फेफड़े फेल
    नंदानगर हेल्थ झोन के अंतर्गत सर्वहारा नगर की 30 वर्षीय प्रसूता नीता की मृत्यु एमटीएच अस्पताल में हुई थी। असामान्य थाइराइड से पीडि़त नीता की गर्भावस्था के दौरान जच्चा- बच्चा दोनों की हालत सामान्य नहीं थी। इसे प्रसूति के लिए 7 अक्टूबर 2025 को गीता भवन हास्पिटल में भर्ती किया था। 2 दिन बाद ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव हुआ, मगर अचानक हालत बिगडऩे पर डीएनएस अस्पताल में रेफर किया गया, मगर यहां भी आराम नहीं मिलने पर प्रसूता को फिर 11 अक्टूबर की रात को एमटीएच हास्पिटल को रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान 12 अक्टूबर 2025 को प्रसूता की मृत्यु हो गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में प्रसूता की मृत्यु का कारण गर्भावस्था से लेकर प्रसूति के दौरान कोई लापरवाही नहीं, बल्कि हाई इंफेक्शन के चलते फेफड़े, किडनी, लिवर सहित अंदरूनी सिस्टम फेल होना बताया गया।

    शिशु की गर्भ में मृत्यु हो चुकी थी प्रसूता का गर्भाशय फटा मिला
    संयोगितागंज हेल्थ झोन में मंगलनगर निवासी 36 साल की रूमा को प्रसूति के लिए मेडिकेयर अस्पताल में 9 दिसम्बर 2025 को भर्ती कराया था। सोनोग्राफी करने पर पता चला कि शिशु की गर्भ में मृत्यु हो चुकी है। बिना किसी विलम्ब के 9 दिसम्बर को ही सर्जरी से प्रसव कराया गया। इस दौरान प्रसूता का गर्भाशय फटा हुआ पाया गया। ऑपरेशन के बाद प्रसूता को सांस की तकलीफ होने पर तत्काल आईसीयू में भर्ती किया गया, मगर उसे बचाया नहीं जा सका। 11 दिसम्बर को प्रसूता की मृत्यु हो गई। मेडिकल जांच रिपोर्ट से पता चला कि प्रसूता की हालत गर्भावस्था के दौरान भी जटिल बनी हुई थी। वह डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, वी हाईपो थाइरॉएडिज्म से पीडि़त थी, मगर मृत्यु का कारण हृदय से सम्बंधित कार्डियोमायोपैथी बीमारी बन गई।

    हृदय रोग के चलते दम तोड़ा
    मानपुर के तलाई नाका निवासी 25 साल की प्रसूता काजल की मृत्यु 13 सितम्बर 2025 को टी चोईथराम अस्पताल में हुई। इस दौरान अस्पताल से संबंधित सभी डाक्टर्स तो मौजूद थे, मगर ब्लाक मानपुर से कोई भी चिकित्सा अधिकारी ना होने के कारण इस मामले की जांच -पड़ताल और समीक्षा दो बार की गई। जांच के अनुसार गर्भवती महिला को हृदय रोग से सम्बंधित गम्भीर बीमारी थी। काजल को प्रसूति के लिए 21 अगस्त को महू के सिविल अस्पताल में भर्ती करने के बाद में एमटीएच हास्पिटल इंदौर को रेफर कर दिया था। 22 अगस्त को ऑपरेशन से प्रसव के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। 15 दिन बाद 12 सितंबर को काजल को टी चोइथराम अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया। यहां 13 सितम्बर को मृत्यु हो गई ।

    प्रसव के बाद अधिक खून बहना प्रसूता की मृत्यु का कारण बना
    देपालपुर के खजुराय गांव की 23 साल की कल्पना की मृत्यु 12 सितम्बर 2025 को प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्त्राव के चलते शाम को देपालपुर से एमटीएच हास्पिटल लाते वक्त रास्ते में हो गई थी। मृत्यु का कारण अत्यधिक रक्तस्त्राव मतलब ब्लडिंग रहा ।

    गर्भपात के दो दिन बाद इंदौर लाते वक्त रास्ते में दम तोड़ा
    देपालपुर काली बिल्लौद की 21 वर्षीय मेघा की 9 सितम्बर को बेटमा से इंदौर लाते वक्त बीच रास्ते में ही मृत्यु हो गई। मेघा की मृत्यु का कारण दो दिन पहले गर्भपात की वजह से लगातार ब्लडिंग होना बताया गया है। गर्भपात से लेकर मृत्यु की जांच के दौरान मृतका के परिजन ने कतई सहयोग नहीं किया।

    फेफड़े की बीमारी से पीडि़त प्रसूता की ब्रेनडेड के चलते हो गई थी मृत्यु
    नंदानगर हेल्थ झोन में न्यू जगदीश नगर निवासी 24 साल की लक्ष्मी की 10 अक्टूबर 2025 को ब्रेनडेड के चलते एमटीएच हास्पिटल में मृत्यु हो गई थी। मृत्यु का कारण फेफड़े से संबंधित बीमारी सामने आई है।

    फेफड़े की समस्या के चलते प्रसव के अगले दिन दम तोड़ा
    हुकुमचंद हेल्थ झोन के अंतर्गत गोमा की फैल निवासी 26 वर्षीय रोशनी की मृत्यु 1 दिसम्बर 2025 को एमटीएच अस्पताल में हुई थी। 29 नवम्बर को प्रसव के लिए एमटीएच अस्पताल में भर्ती किया था। अगले दिन ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया गया। 1 दिसम्बर को प्रसूता ने श्वांस की तकलीफ अथवा फेफड़े से सम्बन्धित समस्या के चलते दम तोड़ दिया।
    पीसी सेठी में प्रसव के बाद हालत बिगडऩे पर एमटीएच भेजा, मगर फिर भी दम तोड़ दिया
    मल्हारगंज हेल्थ झोन के अंतर्गत व्यंकटेश विहार निवासी 31 साल की जया की 19 अक्टूबर 2025 को एमटीएच हास्पिटल में मृत्यु हो गई थी। इसके पहले जया को प्रसूति के लिए पीसी सेठी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसूति के बाद अत्यधिक रक्तस्त्राव के चलते एमटीएच भेज दिया था। यहां इलाज के दौरान जया ने दम तोड़ दिया।

    प्रसूति के 22 दिन बाद प्रसूता ने किडनी, लिवर, फेफड़े फेल होने के कारण दम तोड़ा
    नंदानगर हेल्थ झोन में सुखलिया निवासी 34 वर्षीय प्रियांक ने 6 दिसम्बर 2025 को एमटीएच हास्पिटल में दम तोड़ दिया। 14 नवम्बर को प्रियांक को एक निजी अस्प्ताल में प्रसव के लिए भर्ती किया था, जहां ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव हुआ था। 15 नवम्बर को अचानक हालत बिगडऩे लगी, जिसके चलते सीएचएल में भर्ती कराया गया। यहां 20 दिन तक इलाज के बाद भी आराम नही मिलने पर सुपरस्पेशलिटी हास्पिटल में भर्ती किया। यहां 6 दिसम्बर 2025 को प्रसूता ने दम तोड़ दिया। मृत्यु का कारण किडनी के अलावा लिवर, फेफड़े जैसे अन्य अंगों का फेल हो जाना भी रहा।

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