
नई दिल्ली: सरकार ने पेट्रोल-डीजल (Petrol and Diesel) और जेट फ्यूल को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. शनिवार को डीजल पर एक्सपोर्ट चार्ज को दोगुने से अधिक बढ़ाते हुए इसे 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं जेट फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट चार्ज को 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. पेट्रोल पर इस चार्ज को पहले की तरह ही शून्य रखा गया है.
इस बदलाव को लेकर माना जा रहा है कि सरकार घरेलू कीमतों पर महंगाई का भार नहीं देना चाहती है, जिस कारण एक्सपोर्ट ड्यूटी में इजाफा किया है. ताकि घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल और जेट फ्यूल की उपलब्धता बनी रहे. खासकर तब जब ग्लोबल स्तर पर एनर्जी कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है. ब्रेंट कच्चे तेल का दाम लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है.
तेल कंपनियों को झटका
हालांकि, इससे तेल कंपनियों के कारोबार पर असर हो सकता है और उनका बिजनेस ज्यादा प्रभावित होगा, जो दूसरे देशों में रिफाइन डीजल और जेट फ्यूल की सप्लाई करते थे. वहीं पेट्रोल में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होने से पेट्रोल का कारोबार प्रभावित नहीं होगा.
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