
नई दिल्ली। लोकसभा (Lok Sabha) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रविवार (01 फरवरी) को बजट (Budget) 2026 पेश किया। वित्त मंत्री ने करीब 85 मिनट का बजट भाषण दिया। किसान, रेलवे, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित तमाम क्षेत्रों के लिए बड़ी घोषणा की गई। हालांकि इस बार आम आदमी के लिए कोई बड़ा एलान नहीं हुआ। ऐसे में इस बजट पर विपक्षी दल के लोगों का क्या कहना है? पढ़िए…
कांग्रेस का सरकार पर तंज, बजट बताया फीका
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने इसे पूरी तरह से फीका बजट करार दिया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि ‘हालांकि दस्तावेजों का विस्तार से अध्ययन किया जाना अभी बाकी है, लेकिन 90 मिनट बाद ही यह स्पष्ट हो गया है कि बजट 2026/27 के बारे में जो भारी माहौल बनाया गया था, उसके मुकाबले यह कहीं कमतर रहा है। यह पूरी तरह फीका साबित हुआ।”
राहुल गांधी ने नहीं दिया जवाब
केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि कल कहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं कल संसद द्वारा दिए गए मंच का इस्तेमाल करके बोलूंगा।
शशि थरूर ने उठाए सवाल
केंद्रीय बजट पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि बहुत कम जानकारी मिली। 3-4 मुख्य बिंदु थे, लेकिन हम अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (आयुर्वेदिक AIIMS) का इंतजार कर रहे थे। यह कहां है? हम इसे केरल में चाहते थे। आयुर्वेद की हमारी एक लंबी परंपरा रही है। लेकिन हमने केरल का नाम नहीं सुना। हमने मछुआरों और नारियल के नाम सुने यह केरल हो सकता था, लेकिन जब उन्होंने जहाज मरम्मत की बात की, तो उन्होंने वाराणसी और पटना का नाम लिया, केरल का नहीं। यह थोड़ा आश्चर्यजनक है। लेकिन शायद बजट दस्तावेज में और अधिक जानकारी हो। मैंने अभी तक इसे पढ़ा नहीं है। हालांकि भाषण में बहुत कम जानकारी दी गई थी।
ममता ने रेल कॉरिडोर के ऐलान पर केंद्र को घेरा
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने (वित्त मंत्री)तीन कॉरिडोर के बारे में जो कहा, वह बिल्कुल झूठ का पुलिंदा है। सरासर झूठ। यह पहले से ही प्रोसेस में है और हमने वहां काम शुरू कर दिया है। पुरुलिया में जंगलमहल जंगल सुंदरी प्रोजेक्ट में, इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए 72,000 करोड़ रुपये का निवेश होने वाला है। उन्होंने बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया है। सिर्फ एक टैक्स है, GST। वे हमारा पैसा ले रहे हैं और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं कि वे हमें पैसा दे रहे हैं। यह हमारा पैसा है। इसलिए, उनके पास सरकार चलाने और इस तरह देश को खत्म करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वे देश के आर्थिक ढांचे, इस देश के संवैधानिक ढांचे, स्वतंत्र एजेंसियों को खत्म करना चाहते हैं। वे बातें ज्यादा करते हैं लेकिन काम कम करते हैं।
अखिलेश ने बताया 5 फीसदी आबादी वाला बजट
समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी। संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि यह बजट गरीबों और गांवों में रहने वालों की समझ से परे है। इस बजट में न तो नौकरी दी गई है और न ही रोजगार के अवसर। उन्होंने कहा कि ये बजट गरीब का पेट नहीं भर सकती है। नौकरी रोजगार दिए नहीं। सपने दिखाने वाला बजट है।
बजट में कुछ भी नहीं: डिंपल यादव
अखिलेश ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस सरकार से कोई उम्मीद ही न हो, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है? यह बजट सिर्फ पांच प्रतिशत लोगों के लिए बनाया गया है। सपा प्रमुख ने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या सरकार ने अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा किया? वहीं सपा प्रमुख की पत्नी और लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बजट में कुछ भी नहीं है। भाषण में जिस तरह के तकनीकी शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, उसे आम आदमी कभी नहीं समझ पाएगा। इस बजट में किसानों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ भी नहीं है।
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