
अवकाश की घोषणा भी, डाक मतपत्रों के लिए भी कलेक्टर ने लगाई दंडाधिकारियों की ड्यूटी
इंदौर। महापौर (Mayor) और पार्षद (Councillor) पद का चुनाव लडऩे वाले हर उम्मीदवार को अपना नामांकन जमा (nomination submission) होने की तारीख से मतगणना दिवस तक खर्च का सम्पूर्ण लेखा-जोखा रखना होगा और रोजाना का हिसाब देना पड़ेगा, वहीं मीडिया में प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों और प्रचार-प्रसार के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है। डाक मतपत्रों के संबंध में कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने दंडाधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। डाक से प्राप्त मतांकित लिफाफे जिला कोषालय में प्राप्त करने के लिए 27 जून से मतगणना प्रारंभ तक इन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
शासन ने पंचायत चुनाव के लिए मतदान दिवस पर इंदौरि जिले में सामान्य अवकाश घोषित किए हैं। 25 जून, 1 जुलाई और 8 जुलाई को मतदान होना है। इस दिन अवकाश रहेगा। इसी तरह निगम चुनाव के लिए भी 6 जुलाई को स्थानीय अवकाश रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। दूसरी तरफ सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राकेश सिंह ने बताया कि महापौर और पार्षद का चुनाव लडऩे वालों को अलग से बैंक खाता खुलवाकर हर रोज के हिसाब-किताब का लेखा-जोखा रखना होगा। वहीं दूसरी तरफ निगम चुनाव के लिए भी महापौर-पार्षदों के लिए व्यय सीमा तय है। समाचार-पत्रों या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथवा अन्य माध्यमों में विज्ञापन का खर्च व्यय लेखे में शामिल होगा। किसी उम्मीदवार के पक्ष में प्रकाशित या प्रसारित विज्ञापन के लिए जिला स्तरीय एमसीएमसी से पूर्व प्रमाणन कराना अनिवार्य होगा। मीडिया संस्थानों को विज्ञापन स्वीकार करने के पूर्व यह प्रमाण पत्र भी अवश्य देखना चाहिए। किसी उम्मीदवार के पक्ष में समाचार के रूप में विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा पेड न्यूज़ की श्रेणी में आएगा और संबंधित को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नोटिस भी जारी किया जाएगा। पेड न्यूज पाये जाने पर संबंधित प्रत्याशी के व्यय लेखे में इसका खर्च शामिल किया जायेगा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved