
उज्जैन। नगर निगम का बोर्ड ऊटपटांग निर्माण कर करोड़ों रुपए खर्च करता है और वो पैसा पानी में बह जाता है। इसका उदाहरण सालों पहले मैला ठीया पर बना सब्जी मंडी का भवन है। नगर निगम ने एक करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च कर इसे बनाया था लेकिन वह इसकी देखभाल और सालसंभाल नहीं कर पाई और यह मंडी सूअरों और आसमाजिक तत्वों के उपयोग ही आ रही है। इसमें आज तक कोई व्यापारी नहीं आया सब्जी की दुकान लगाने। प्रशासन ने मालीपुरा क्षेत्र से फुटपाथ पर बिकने वाली सब्जी की दुकानों को हटाकर रोड साफ करने के लिए मैला ठीया पर एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर सब्जी मंडी भवन बनवाया था लेकिन 15 साल पहले बने इस भवन में एक भी व्यापारी यहाँ दुकान लगाने नहीं पहुँचा और जब से यह भवन बना है तब से उजाड़ और वीरान पड़ा हुआ है।
उक्त भवन में केवल सूअर और असमाजिक तत्वों का ही डेरा लगता है। आज करोड़ों रुपए खर्च कर बनाया गया उक्त भवन खंडहर बन गया है और नगर निगम इसकी सालसंभाल नहीं कर पाई। इधर सब्जी की दुकानें आज भी मालीपुरा और दौलतगंज के बीच सड़कों पर ही लग रही हैं और सड़क पर दिनभर जाम लगा रहता है। जो मंडी का पुराना भवन तोड़ा था, उसे भी बनाने का काम शुरू नहीं किया गया है जबकि उक्त मार्ग पर दर्शन के लिए आने वलो यात्रियों का दबाव अधिक रहता है और दिनभर जाम की स्थिति बनती है।
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