
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। नासिक पुलिस ने एक IT कंपनी के बीपीओ सर्विस से जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर कंपनी में काम करने वाली जूनियर स्तर की महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और आरोपियों को हिरासत में लिया।
वहीं, इस मामले को लेकर कुछ दावे ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें दफ्तर के भीतर धार्मिक गतिविधियों और कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने जैसी बातें कही जा रही हैं। इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नासिक की घटना को “कॉर्पोरेट जिहाद” करार देते हुए कहा कि समाज को इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। राणे ने दावा किया कि करीब 15 पीड़ित लड़कियों ने शिकायत दी है और अन्य पीड़िताओं से भी आगे आने की अपील की है।
नितेश राणे ने यह भी कहा कि अगर कहीं भी इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, तो लोग सामने आएं, सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं, तो कंपनी के एचआर विभाग ने क्या कार्रवाई की। राणे ने कहा कि हमने देखा कि जब इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया तब 600 से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए थे मैं तो कहता हूं कि वे सभी कौन है उनका भी बैकग्राउंड भी चेक किया जाए। यहां आतंकियों के अंतिम संस्कार के समय भीड़ इकट्ठा होती है।
नितेश राणे ने कहा कि जब अशोक खरात का मामला सामने आया तब किसी हिन्दू ने इसका समर्थन नही किया लेकिन इनका जब भी ऐसा कुछ होता है तो इतनी भीड़ क्यों इकट्ठा हो जाती है। राणे ने कहा इन विषय पर अब कोई बोल क्यों नहीं रहा है, मैं जब भी ऐसा मुद्दा उठाता हूं तो लोग कहते हैं कि मैं दो समाज के बीच द्वेष निर्माण कर रहा हूं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले के सामने आने के बाद राज्य में सियासत भी तेज हो गई है।
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