
नई दिल्ली । केंद्र सरकार (Central Government) ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स (Central Government Employees and Pensioners) के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की (Has increased DA by 3 Percent) ।
कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले के बाद महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई से प्रभावी होगी। कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक का बकाया एरियर अक्टूबर की सैलरी के साथ जोड़कर नवंबर में मिलने की जानकारी दी गई है। महंगाई भत्ते में इस इजाफे से केंद्र सरकार पर सालाना करीब 10,016 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स काफी समय से डीए बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। दशहरा के दौरान भी इस संबंध में घोषणा की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन पिछली दो साप्ताहिक कैबिनेट बैठकों में फैसला सामने नहीं आया था। DA बढ़ने से कितनी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी?
महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारी के मूल वेतन यानी बेसिक पे के प्रतिशत के आधार पर की जाती है। डीए बढ़ने से हर महीने मिलने वाली सैलरी में इजाफा होता है। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों को महंगाई भत्ते से जुड़ा ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिलता है, उनके भत्ते में भी बढ़ोतरी हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, 29,200 रुपये मूल वेतन वाले केंद्र सरकार के लेवल-5 कर्मचारी का डीए 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत होने पर मासिक महंगाई भत्ते में 876 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, संबंधित ट्रांसपोर्ट अलाउंस श्रेणी और शहर के अनुसार टीपीटीए पर मिलने वाले अतिरिक्त डीए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। दिए गए अनुमान के मुताबिक, यह अतिरिक्त राशि लगभग 108 रुपये हो सकती है। वास्तविक बढ़ोतरी कर्मचारी की पात्रता, तैनाती वाले शहर और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों के अलावा, छठे और पांचवें वेतन आयोग के वेतनमान के अनुसार वेतन पाने वाले कर्मचारियों के डीए में भी बदलाव का उल्लेख किया गया है। छठे वेतन आयोग में 1 जुलाई 2026 से डीए/डीआर मूल वेतन का 262 प्रतिशत से बढ़कर 269 प्रतिशत होने का उल्लेख है, यानी 7 प्रतिशत की वृद्धि। पांचवें वेतन आयोग में 1 जुलाई 2026 से डीए/डीआर 483 प्रतिशत से बढ़कर 497 प्रतिशत होने का उल्लेख है, यानी 14 प्रतिशत की वृद्धि। इन दरों और लागू होने की तारीखों की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से की जानी चाहिए।
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