
नयी दिल्ली । वाहन उद्योग के लिए केंद्र सरकार जल्द ही प्रोत्साहन की घोषणा करेगी, लेकिन वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती की उद्योग की माँग पर तुरंत सहमत होना संभव नहीं है। यह कहना है भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्री प्रकाश जावडेकर का, उन्होंने वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन ‘सियाम’ के 60वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि सरकार हर सुझाव पर खुले मन से विचार करने के लिए तैयार है। हम हमेशा आपसे संवाद करते रहते हैं। हम जीएसी घटाने के बारे में तत्काल सहमत नहीं हो सकते, लेकिन इसका मतलब “अंतिम ना” भी नहीं है।”
प्रोत्साहन पैकेज के बारे में उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय प्राथमिकता के आधार पर हर तरह के उद्योग के लिए प्रोत्साहन पैकेज तैयार कर रहा है और वाहन उद्योग को भी जल्द शुभ समाचार सुनने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन पैकेज में सबसे पहले दुपहिया, तिपहिया और यात्री बसों को स्थान मिलेगा तथा इसके बाद यात्री वाहनों यानी कारों, उपयोगी वाहनों और वैनों पर भी विचार संभव है।
इससे पहले सियाम के अध्यक्ष राजन वढ़ेरा ने सभी श्रेणी के वाहनों के लिए जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने और सीएनजी बसों की खरीद पर भी इलेक्ट्रिक बसों की तरह प्रोत्साहन देने की माँग की। उन्होंने कहा कि भारत स्टेज (बीएस)-6 ईंधन मानकों को अपनाने में वाहन उद्योग ने काफी निवेश किया है और उसके बाद कोविड-19 के कारण माँग में अचानक आई कमी के कारण अब कंपनियों के पास इतना पैसा नहीं है कि वे निकट भविष्य में नये मानकों के लिए निवेश कर सकें। इसलिए इन मानकों को टाल दिया जाना चाहिये।
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