
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) के तमिलनाडु (Tamil Nadu) दौरे से ठीक पहले राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (CM MK Stalin) ने केंद्र सरकार (Central Government) पर तीखा हमला बोला है। स्टालिन ने भाजपा (BJP) नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तमिलनाडु के साथ बार-बार विश्वासघात करने और राज्य की प्रमुख मांगों को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक लंबी पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने शिक्षा, परिसीमन, राज्यपाल की भूमिका, तमिल भाषा के लिए वित्तीय सहायता, कल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य परियोजनाओं में देरी जैसे मुद्दों को उठाया।
स्टालिन ने पूछा कि तमिलनाडु के लिए लंबित 3,458 करोड़ रुपये की समग्र शिक्षा योजना की राशि कब जारी होगी। उन्होंने परिसीमन को लेकर चिंता जताते हुए सवाल किया कि राज्य की लोकसभा सीटें कम नहीं होंगी, इसकी स्पष्ट गारंटी केंद्र सरकार कब देगी।
उन्होंने राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार के कामकाज में लगातार हस्तक्षेप हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने तमिल भाषा के विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता न मिलने का मुद्दा उठाया।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लंबे समय से लंबित रखा है। इनमें मदुरै एम्स, होसुर एयरपोर्ट, कोयंबटूर और मदुरै मेट्रो परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने आपदा राहत फंड, कीझड़ी रिपोर्ट जारी करने और नीट से छूट की मांग पर भी केंद्र को घेरा।
स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के लोग राज्य की उपेक्षा करने वाले भाजपा गठबंधन को चुनाव में जवाब देंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता केंद्र की नीतियों से नाराज है और आने वाले विधानसभा चुनावों में इसका असर साफ दिखाई देगा।
इस बीच प्रधानमंत्री मोदी आज तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले के मदुरंथकम में जनसभा को संबोधित करेंगे। यह जनसभा आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखी जा रही है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved