
महासमुंद: महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया. नवरात्रि के दौरान भारी भीड़ के बीच मंदिर परिसर में संचालित रोपवे का केबल अचानक टूटने से 1 महिला श्रद्धालु आयुषी की दर्दनाक मौत हो गई. हादसे में 13 श्रद्धालु घायल है जिनका इलाज किया जा रहा है. हादसे के वक्त ट्रॉली में श्रद्धालु सवार थे, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केबल टूटते ही ट्रॉली तेज झटके के साथ नीचे की ओर आई और संतुलन बिगड़ गया. इस घटना ने न केवल श्रद्धालुओं में दहशत फैला दी, बल्कि रोपवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस के अनुसार घायलों को तत्काल जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है. यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब नवरात्रि के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. ऐसे में रोपवे जैसी व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है. प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और रोपवे सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है. स्थानीय लोगों ने रोपवे की देखरेख को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से नियमित जांच नहीं हो रही थी. नवरात्रि जैसे बड़े आयोजन के दौरान भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया.
जानकारी के अनुसार खल्लारी मंदिर पहाड़ी पर स्थित है और यहां पहुंचने के लिए रोपवे का इस्तेमाल किया जाता है. रविवार सुबह श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहे थे. इसी दौरान रोपवे का केबल अचानक टूट गया. ट्रॉली बीच रास्ते में झटके से नीचे की ओर आई, जिससे उसमें बैठे लोग घायल हो गए.
हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए हैं. कुछ श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आई हैं. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया. पुलिस और मंदिर प्रबंधन की टीम भी मौके पर पहुंची. घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया. घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रोपवे सेवा बंद कर दी है. मौके पर पहुंची टीम ने पूरे सिस्टम की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल किसी भी नए श्रद्धालु को रोपवे से जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं. शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी को कारण माना जा रहा है. अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. खल्लारी माता मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है. करीब 1600 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में रोपवे यहां पहुंचने का प्रमुख साधन है.
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