
विजयवाड़ा । मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister N. Chandrababu Naidu) ने आंध्र में चक्रवात ‘मुरासु’ को लेकर (Regarding Cyclone ‘Murasu’ In Andhra Pradesh) एनटीआर कलेक्टर के साथ समीक्षा बैठक की (Held review meeting with NTR District Collector) ।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘मुरासु’ से निपटने की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान एनटीआर जिले के कलेक्टर लक्ष्मी शा ने मुख्यमंत्री को जिले के हालात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के कई इलाकों में फिलहाल हल्की बारिश हो रही है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और लगातार निगरानी की जा रही है।
कलेक्टर ने बताया कि अधिकारियों की टीम ने बुडमेरु ड्रेन के आसपास के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया है। अभी तक स्थिति नियंत्रण में है और चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से मोगलराजपुरम इलाके में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। वहां के कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कलेक्टर लक्ष्मी शा ने बताया कि चक्रवात से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। इसके साथ ही स्थानीय निकाय चुनावों के वोटों की गिनती के लिए भी सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं, ताकि खराब मौसम के बावजूद प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। मौसम विभाग ने मंगलवार को जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की । इसे देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने दुकानदारों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के प्रबंधकों से भी अपील की है कि भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। अधिकारियों ने सभी निवासियों से सरकारी निर्देशों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया है। साथ ही माता-पिता से विशेष अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को घर के अंदर ही रखें और उन्हें बारिश के दौरान बाहर न जाने दें।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने मंगलवार को कहा कि मुरासु चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश में 14 टीमें तैनात की गई हैं, जिसमें छह जिलों की पहचान सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के तौर पर की गई है। अधिकारियों की ओर से जानकारी दी गई है कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। एनडीआरएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) मोहसेन शाहेदी ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, लैंडफॉल प्रोसेस मंगलवार सुबह जल्दी शुरू हुआ और सुबह करीब 9 बजे तक पूरा हो गया। डीआईजी ने कहा, “साइक्लोन मुरासु का लैंडफॉल प्रोसेस सुबह शुरू हुआ।
आईएमडी से हमें मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, लैंडफॉल प्रोसेस सुबह करीब 9:00 बजे पूरा हो गया। साइक्लोन को देखते हुए आंध्र प्रदेश में चौदह टीमें तैनात की गई हैं। तमिलनाडु से तीन टीमें भेजी गई हैं।” उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के छह जिलों की पहचान उन इलाकों के तौर पर की गई है, जहां सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है, एनडीआरएफ के लोग स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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