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‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में केंद्र और राज्यों के सामूहिक प्रयास अहम होंगे – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

June 11, 2026


नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में (In realizing the vision of ‘Viksit Bharat’) केंद्र और राज्यों के सामूहिक प्रयास अहम होंगे (Collective Efforts of Centre and States will be Crucial) ।


  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और प्रशासक, केंद्रीय मंत्री तथा नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना से केंद्र और राज्य मिलकर भारत की विकास यात्रा को नई गति दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के साझा लक्ष्य को हासिल करने में केंद्र और राज्यों के सामूहिक प्रयासों की अहम भूमिका होगी।

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “सहकारी संघवाद की भावना से प्रेरित होकर, हम भारत की विकास यात्रा को गति देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। ‘विकसित भारत’ के हमारे साझा विजन को साकार करने में केंद्र और राज्यों के सामूहिक प्रयास अहम भूमिका निभाएंगे।” इस वर्ष की बैठक की थीम “विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखी गई, जिसका उद्देश्य देश के हर नागरिक के समग्र विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना है, चाहे वह किसी भी आयु वर्ग, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित हो।

    बैठक में इस विजन को धरातल पर उतारने और नागरिकों तक इसके ठोस परिणाम पहुंचाने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर चर्चा की गई। साथ ही ऐसे उपायों पर विचार किया गया, जिनसे देश में उद्यमिता को बढ़ावा मिले, कौशल विकास को मजबूती मिले और रोजगार के स्थायी अवसर सृजित किए जा सकें। गवर्निंग काउंसिल की बैठक में समावेशी मानव विकास के लिए चार प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें मजबूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल, उत्पादक रोजगार और उद्यमिता आधारित विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ बेहतर जीवन स्तर, तथा सभी के लिए समान अवसर और गरिमा सुनिश्चित करना शामिल है।

    बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विकास की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और राज्यों की विकास दृष्टि को राष्ट्रीय विकास दृष्टिकोण के साथ जोड़ा जाए। बैठक के दौरान विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुशासन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई), विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, साझेदारी मॉडल और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को महत्वपूर्ण बताया गया। इसके अलावा, अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों की निगरानी के लिए एक व्यवस्थित तंत्र विकसित करने पर भी चर्चा हुई, ताकि योजनाओं की जवाबदेही सुनिश्चित हो और उनके परिणामों का सही आकलन किया जा सके।

    बैठक में दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन की प्रमुख सिफारिशों पर भी चर्चा की गई। इनमें प्रारंभिक बाल शिक्षा, स्कूली शिक्षा, भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण हेतु कौशल विकास, उच्च शिक्षा को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ना तथा खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देना जैसे विषय शामिल थे। इससे पहले नीति आयोग ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और समावेशी तथा टिकाऊ विकास के लिए साझा रोडमैप तैयार करना है। यदि केंद्र और राज्य मिलकर इन लक्ष्यों पर काम करते हैं, तो ‘विकसित भारत 2047’ का सपना साकार करने की दिशा में देश को नई गति मिल सकती है।

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