
इंदौर। प्राधिकरण के साथ-साथ हाउसिंग बोर्ड के भी कई लीजधारकों द्वारा सम्पत्तियों के उपयोग परिवर्तन कर लिए जाते हैं। यानी आवासीय भूखंडों या परिसरों में व्यवसायिक गतिविधियां चल रही है। इंदौर में ही प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड की सम्पत्तियों में लीज शर्तों के उल्लंघन की हजारों शिकायतें सामने आती रही है।
अब हाउसिंग बोर्ड इंदौर सहित प्रदेशभर में 50 हजार उन सम्पत्तियों की जांच करवा रहा है जिनमें लीज शर्तों के उल्लंघन की शिकायतें मिलती रही हैं। नोटिस देकर आवंटिती से जवाब मांगा जाएगा और अगर उपयोग परिवर्तन बंद नहीं किया तो फिर लीज निरस्ती की भी कार्रवाई होगी। इंदौर में ही सुखलिया, एलआईजी, एमआईजी, नेहरू नगर से लेकर लवकुश सहित सभी हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों, बिल्डिंगों में इसी तरह के दुरुपयोग देखे जा सकते हैं। इनमें अवैध निर्माण भी शामिल है, तो कई सम्पत्तियों का लीज रेंट भी जमा नहीं हुआ है।
हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि इंदौर सहित प्रदेशभर में इस तरह की शिकायतें मिलती रही है। लिहाजा अब जांच करवाकर नोटिस जारी करेंगे और बकायदा लीज रेंट भी वसूल किया जाएगा, वहीं कई आवंटिती डिफॉल्टर भी हैं। यानी उन्होंने आगामी किस्तें नहीं भरी और सम्पत्ति का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें भी बेदखल करेंगे।
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