
इंदौर। नगर निगम (Muncipal Corporation) ने एक बार फिर करोड़ों की राशि खर्च कर कृष्णपुरा छत्रियों (Krishnapura Chhatris) पर सौंदर्यीकरण (Beautification) के कार्य कराए थेे। कुछ महीनों पहले ही वहां की गई अत्याधुनिक विद्युत साज-सज्जा का लोकार्पण किया गया था, लेकिन अब फिरप से छत्रियों को बदहाली के लिए छोड़ दिया गया है। वहां कंजरों की टीम ने डेरा जमा लिया है। यही हाल पहले गांधी हॉल का था, जहां से कंजरों को हटाने की कार्रवाई की गई थी।

शहर (City) की छत्रियों को संवारने के लिए निगम ने करीब 8 करोड़ की राशि के अलग-अलग टेंडर दिए थे। मल्हारराव छत्री और छत्रीबाग (Chhatribagh) की कई छत्रियों के साथ-साथ कृष्णपुरा छत्री के हिस्सों को संवारा गया था। इसके लिए कई कारीगरों को अन्य शहरों से बुलवाया गया था। छत्रियों के खंभों पर की गई नक्काशी से लेकर अन्य स्तंभों की सफाई के लिए विशेष प्रकार के केमिकलों का उपयोग कर उन्हें बमुश्किल संवारा गया था, लेकिन अब फिर से छत्रियां पुराने स्वरूप में आ रही हैं, क्योंकि छत्रियों के आसपास कंजरों ने डेरा जमा लिया है। वे परिवार के साथ-साथ वहीं न केवल रह रहे हैं, बल्कि आसपास के हिस्सों में गंदगी कर सौंदर्यीकरण को भी नष्ट कर रहे हैं। करीब 40 से ज्यादा परिवारों की टोलियां अलग-अलग समूहों में छत्री परिसर में ही कब्जा जमाए हुए हैं और दिन-रात वहीं डटी रहती हैं। पिछले दिनों गांधी हॉल में भी इसी प्रकार के कब्जे देखकर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने अफसरों को फटकार लगाई थी। उसके बाद निगम की रिमूवल टीम ने गांधी हॉल पहुंचकर कब्जेधारियों को खदेड़ा था। कृष्णपुरा के साथ-साथ बोलिया छत्री के आसपास भी कंजरों का डेरा जमने लगा है।

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