
नई दिल्ली। देश का चालू खाता (Current Account) घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी (GDP) के लगभग 1.2 से 1.5 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता (Trade Talks) में प्रगति आने वाले महीनों में एक अहम कारक साबित होगी। बैंक ने कहा कि अमेरिका भारत के इलेक्ट्रॉनिक निर्यातों का एक बड़ा गंतव्य है, और यह क्षेत्र फिलहाल उच्च अमेरिकी टैरिफ से मुक्त है। ऐसे में व्यापार वार्ता की दिशा पर विशेष नजर रखनी होगी।
इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 में भारत का व्यापार घाटा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अब तक अधिक रहा है। हालांकि निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है, फिर भी आयात वृद्धि निर्यात वृद्धि से अधिक बनी हुई है, जिसके कारण व्यापार घाटा बढ़ रहा है।आयात के अंतर्गत, गैर-तेल-गैर-स्वर्ण खंड में वृद्धि देखी गई है, जो घरेलू मांग की स्थिति में सुधार को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले महीनों में त्योहारी सीजन की मांग के चलते यह रुझान जारी रहने की संभावना है। मौसमी मांग के चलते साल की दूसरी छमाही में सोने का आयात भी बढ़ने की उम्मीद है।

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