img-fluid

स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल किया रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने

January 05, 2026


नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने तटरक्षक बल के बेड़े में (Into the Coast Guard Fleet) स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को शामिल किया (Inducted indigenous pollution control vessel ‘Samudra Pratap’) ।


  • समुद्र प्रताप को विशेष रूप से प्रदूषण कंट्रोल के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसकी भूमिका यहीं तक सीमित नहीं है। यह सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी उतना ही सक्षम है, तटीय गश्त में भी उतना ही प्रभावी है, और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसका अर्थ यह है, कि इस शिप में एक ही प्लेटफार्म पर कई क्षमताओं को इंटीग्रेट किया गया है। रक्षामंत्री के मुताबिक यही आधुनिक अप्रोच आज की समुद्री चुनौतियों की मांग है, जहां लचीलापन और तैयारी दोनों एक समान महत्वपूर्ण हैं। ‘समुद्र प्रताप’ का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ 114.5 मीटर लंबा और लगभग 4,200 टन वजनी है। यह शक्तिशाली पोत 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है। ‘समुद्र प्रताप’ की गति 22 नॉट से अधिक है। ये क्षमताएं इसे लंबी दूरी के परिचालन के लिए बेहद सक्षम बनाती हैं।

    रक्षामंत्री ने कहा, “इस शिप की एक और खास बात है कि इसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। यह अपने आप में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम है। हमारी मेक इन इंडिया पहल का असली अर्थ ऐसे ही प्रोजेक्ट में दिखाई देता है। इतने जटिल प्लेटफार्म में भी, इस स्तर की स्वदेशी सामग्री यह दिखाती है कि हमारा डिफेंस इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम अब काफी मेच्योर हो चुका है। हमने रक्षा निर्माण में कम से कम इतनी क्षमता तो हासिल कर ही ली है कि हम निर्माण से संबंधित जटिल चुनौतियों को भी हैंडल करने में सक्षम हैं।”

    रक्षा मंत्री ने बताया कि समुद्र प्रताप, भारत की पहली स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई प्रदूषण नियंत्रण वेसल है और तटरक्षक बल के बेड़े की अब तक की सबसे बड़ी पोत भी है। उन्होंने कहा कि आप इसका आकार देखिए, 4,170 टन वजन और 115 मीटर की लंबाई अपने आप में इसकी विशालता को दिखाती है। 22 नॉट्स की स्पीड इसकी ऑपरेशनल क्षमता को दिखाती है। रक्षामंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में हमने देखा है कि समुद्री प्रदूषण भी एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन कर उभरा है। जाहिर सी बात है, जब समुद्री प्रदूषण बढ़ेगा, तो मछुआरों की आजीविका, तटीय समुदायों का भविष्य, और हमारी आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा, सब पर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए हमारे तटरक्षक बल द्वारा चलाए गए तटीय स्वच्छता अभियान, प्रदूषण रिस्पांस अभियान और बहु एजेंसी समन्वय वास्तव में सराहनीय हैं। आपने यह दिखाया है, कि जब निश्चय स्पष्ट हो और समन्वय मजबूत हो, तो बड़े से बड़े संकट का भी सामना किया जा सकता है।

    रक्षामंत्री ने कहा कि तटरक्षक बल ने, देशवासियों के अंदर जो भरोसा पैदा किया है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। इसने हमारे किसानों के अंदर भरोसा पैदा किया है। हमारे मछुवारों के अंदर भरोसा पैदा किया है। सब निश्चिन्त होकर अपना काम करते रहते हैं, कि जो भी होगा तटरक्षक बल देख लेगा। इसके अतिरिक्त हमारे तटरक्षक बल ने हमारे दुश्मनों के अंदर भी भरोसा पैदा किया है, वह भरोसा इस बात का है, कि गलती से भी अगर आंख उठा कर भारत की समुद्री सीमा की ओर देखा, तो भारतीय तटरक्षक बल उसे देखने लायक नहीं छोड़ेगा। आपके इस भरोसे के कारण ही, भारत के तटीय इलाकों से, दुश्मन अब कोई दुस्साहस की कोशिश भी नहीं करता। रक्षामंत्री ने कहा, “हम सब जानते हैं, कि समुद्र हमारी संस्कृति, हमारी अर्थव्यवस्था और हमारे भविष्य का आधार है। एक सुरक्षित और स्वच्छ समुद्र ही, सुरक्षित व्यापार, सुरक्षित जीवन और सुरक्षित पर्यावरण की गारंटी दे सकता है। ऐसे में समुद्र प्रताप जैसे प्लेटफार्म , हमें यह विश्वास देते हैं कि भारत एक सुरक्षित और स्वच्छ समुद्र सुनिश्चित करने की अपनी समुद्री प्रतिबद्धता को न सिर्फ समझता है बल्कि उन्हें निभाने के लिए पूरी तरह तैयार भी है।”

    समुद्र प्रताप पर, दो महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी एक रोल मॉडल बनकर आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता खोल रही हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि तटरक्षक बल ऐसे ही सबके लिए अवसर और विकास का माध्यम बना रहेगा। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज महिला अफसरों को पायलट, ऑब्जर्वर , एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, लॉजिस्टि ऑफिसर और लॉ ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों में नियुक्त किया गया है। इतना ही नहीं, उन्हें होवरक्राफ्ट ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्हें फ्रंटलाइन ऑपरेशन में सक्रिय रूप से तैनात किया जा रहा है। यानी आज की महिला केवल सहायक की भूमिका में नहीं बल्कि फ्रंटलाइन योद्धा के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रही हैं।”

    Share:

  • केंद्र सरकार ने रबी सीजन के लिए बढ़ाई उर्वरक सब्सिडी, 37952 करोड़ का अनुमान

    Mon Jan 5 , 2026
    नई दिल्ली। वैश्विक बाजार (Global market) में कच्चे माल की कीमतों में अनिश्चितता और किसानों को महंगाई से बचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2025-26 के लिए उर्वरक सब्सिडी में बढ़ोतरी की है। सरकार ने इस सीजन के लिए 37,952 करोड़ रुपये की अनुमानित उर्वरक आवश्यकता तय की है, जो खरीफ 2025 […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved