
नई दिल्ली। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के CMD डी. के. सुनील ने गुरुवार को बताया कि ईरान (Iran) के साथ चल रहे संघर्ष के कारण इजरायल (Israel) से भारत (India) को मिलने वाली सैन्य आपूर्ति में देरी हो सकती है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत के पास चालू वर्ष की जरूरतों के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
इजरायल से सप्लाई में देरी का कारण
ईरान की ओर से बमबारी के चलते इजरायल के कई प्लांट बंद हो गए हैं, जिससे फाइटर जेट तेजस के लिए रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सूट और हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले की सप्लाई विलंबित हो सकती है। HAL के कर्मचारी युद्ध की स्थिति गंभीर होने पर वहां से वापस बुला लिए गए। सुनील का कहना है कि युद्ध समाप्त होने के बाद सप्लाई सामान्य हो जाएगी और बैकलॉग जल्द पूरा होगा।
UCAV प्रोजेक्ट पर HAL का फोकस
HAL अब CATS Warrior (UCAV) के विकास पर जोर दे रहा है। यह एक लो-ऑब्जर्वेबल अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल है, जिसे दूर से नियंत्रित किया जा सकता है और यह हथियार ले जाने में सक्षम है। वर्तमान में 3-टन का प्रोटोटाइप तैयार है, जिसे भविष्य में 5 और 7 टन तक बढ़ाया जाएगा।
तेजस Mk 1A की डिलीवरी और इंजन अपडेट
भारतीय वायुसेना को ‘तेजस Mk 1A’ की डिलीवरी में देरी हुई थी। इंजनों के साथ पांच जेट तैयार हैं, जबकि छठा इंजन GE एयरोस्पेस से जून-दिसंबर में डिलीवर होगा। देरी के कारण GE पर जुर्माना लगाया जा रहा है। अगले महीने डिलीवरी की नई समयसीमा तय होगी।
मौजूदा तेजस स्क्वाड्रन फिर उड़ान भरेंगे
पिछले महीने हुए दुर्घटना के बाद तेजस विमानों को सुरक्षा जांच के लिए रोक दिया गया था। अब ब्रेकिंग सॉफ्टवेयर की खामी ठीक हो चुकी है और जेट्स अगले सप्ताह से उड़ान भरने के लिए तैयार हैं।
रूसी Su-57 की संभावना
HAL प्रमुख ने बताया कि Su-57 फाइटर जेट्स की संभावित खरीद पर वायुसेना को प्रेजेंटेशन दी जा चुकी है। भारत की मौजूदा सुविधाओं का लगभग 50% हिस्सा इन विमानों के निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन कुछ नए निवेश की आवश्यकता होगी। HAL अभी रूस से कोटेशन का इंतजार कर रहा है।
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