
भोपाल। मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती (Madhya Pradesh Teacher Recruitment) वर्ग-2 एवं वर्ग-3 में पदवृद्धि की मांग तेज हो गई है। इसे लेकर 24 मार्च राजधानी भोपाल में अभ्यर्थियों का प्रदेश स्तरीय विशाल आंदोलन होने जा रहा है। दरअसल दोनों भर्तियों में नाममात्र के पद घोषित किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित रह गए हैं।
अब तक 17 नवम्बर 2025, 6 जनवरी, 13 जनवरी, 21 जनवरी, 30 जनवरी तथा 9-10 फरवरी को हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने भोपाल पहुंचकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा। 9-10 फरवरी को अभ्यर्थियों ने विरोध स्वरूप मुंडन करवाकर तथा मार्कशीट का दहन कर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी। वहीं अब 24 मार्च को हजारों की संख्या में उन्हें भोपाल आना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी होने के बावजूद भर्तियों में पदों की संख्या नाममात्र/ऊंट के मुंह में जीरे के समान रखी गई है।
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में कुल 2,89,005 स्वीकृत शिक्षक पदों में से केवल 1,74,419 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि लगभग 1,15,678 पद रिक्त हैं। विधानसभा में यह भी बताया गया कि प्रदेश के 83,514 विद्यालयों में से 1,968 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि 46,417 विद्यालयों में केवल दो शिक्षक ही कार्यरत हैं। इतनी अधिक संख्या में पदों के रिक्त होने बावजूद सरकार पर्याप्त पदों पर भर्ती नहीं निकाल रही है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि रिक्त पदों में पदवृद्धि की जाए तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और योग्य युवाओं को अवसर मिलेगा..
मुख्य मांगें
1. म.प्र. शिक्षक भर्ती वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) में प्रत्येक विषय (विषय शिक्षक, खेल, संगीत, नृत्य, गायन एवं वादन) में कम से कम 3,000 पद अथवा संपूर्ण वर्ग-2 में न्यूनतम 10,000 पदों की तत्काल वृद्धि कर द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।
2. म.प्र. प्राथमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-3) 2025 में पदों की संख्या बढ़ाकर न्यूनतम 25,000 पद किए जाएँ तथा द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
3. प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में घोषित 13,089 पदों में शामिल 3,200 विशेष शिक्षक पदों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती से अलग कर विशेष शिक्षक भर्ती की अलग विज्ञप्ति जारी की जाए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved