
नई दिल्ली. सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने मक्का (Mecca) की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि यमन के हूतियों (Houthis) की तरफ से लॉन्च किए गए एक ड्रोन (drone) को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही मार गिराया गया. गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने साफ कहा कि दोनों पवित्र मस्जिदों और जायरीनों की सुरक्षा ‘रेडलाइन’ है. उन्होंने कहा कि हूतियों के खिलाफ जरूरी और रोकथाम वाले कदम उठाए जाएंगे.
सऊदी गठबंधन के मुताबिक, एक ड्रोन मंगलवार 15 सितंबर की शाम करीब 6 बजकर 50 मिनट पर मक्का के दक्षिण में इंटरसेप्ट किया गया. इसे मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया. गठबंधन ने कहा कि यह मक्का को निशाना बनाने की कोशिश का दूसरा मामला है. इससे पहले 27 जुलाई 2017 को मक्का की तरफ बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की बात सऊदी पक्ष ने कही थी.
मक्का और मदीना की पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा पर खतरा
इस पूरी घटना में सबसे बड़ा मुद्दा मक्का और मदीना की पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा को लेकर है. मक्का में मस्जिद अल-हरम, जिसे काबा भी कहते हैं, जबकि मदीना में मस्जिद-ए-नबवी है. सऊदी गठबंधन ने दोनों पवित्र मस्जिदों और वहां आने वाले जायरीनों की सुरक्षा को ‘रेडलाइन’ बताते हुए कहा है कि इस सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. गठबंधन प्रवक्ता ने हूतियों के खिलाफ जरूरी और रोकथाम वाले कदम उठाने की चेतावनी भी दी है.
खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ पर मिसाइल-ड्रोन हमले
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सऊदी अरब में हूतियों के हमले बढ़े हैं. मंगलवार को सऊदी अधिकारियों ने मक्का, जेद्दा और ताइफ समेत कई इलाकों में सुरक्षा अलर्ट भी जारी किए थे. इससे एक दिन पहले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा था कि खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ पर मिसाइल और ड्रोन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए और सात घरों और दो वाहनों को नुकसान पहुंचा.
हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार
हालांकि हूतियों की तरफ से मक्का या किसी पवित्र स्थल को निशाना बनाने की किसी भी मंशा से इनकार किया गया है. हूती पक्ष ने कहा है कि मक्का या दूसरे पवित्र स्थलों के लिए उसकी तरफ से कोई खतरा नहीं है. सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब मक्का और मदीना की सुरक्षा सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल हो गई है. सऊदी पक्ष का संदेश साफ है कि हरमैन शरीफैन और जायरीनों की सुरक्षा उसके लिए ‘रेडलाइन’ है और इस सीमा के उल्लंघन की कोशिश पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी.
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