
नई दिल्ली । आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा (RJD MP Manoj Kumar Jha) ने कहा कि भाजपा की घोषणाओं में अंतर हास्यास्पद है (Difference in BJP’s announcements is Ridiculous) ।
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, ” पश्चिम बंगाल में अगर महिलाओं को प्रति माह 3,000 रुपये मिलने हैं, तो बिहार के लोगों ने क्या गलती की है? शुरुआती 10,000 रुपये के बाद पूरी तरह से चुप्पी क्यों छाई रही? 2 लाख रुपये प्रति व्यक्ति देने की बात हुई थी, तो अब यह खामोशी क्यों? दूसरे शब्दों में अलग-अलग राज्यों में चुनाव लड़ रही एक ही राजनीतिक पार्टी इतना बड़ा अंतर क्यों दिखा रही है? यहां उन्होंने बेरोजगार युवाओं को एकमुश्त 15,000 रुपये देने का वादा किया है। बिहार के युवाओं ने क्या गुनाह किया है? उन्हें उनका हिस्सा क्यों नहीं मिलना चाहिए? कुल मिलाकर, मेरा मानना है कि बंगाल में यह हताशा भरा एक कदम है।”
महिला आरक्षण विधेयक पर मनोज कुमार झा ने कहा, “इस विधेयक के कई पहलू असंगत प्रतीत होते हैं। जब 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ, नए संसद भवन के उद्घाटन के साथ, जनगणना और परिसीमन प्रक्रियाओं के संबंध में भाजपा सदस्यों और शीर्ष नेतृत्व के बीच यह आम सहमति थी कि इसका कार्यान्वयन लगभग 2034 में होगा। हालांकि, इस बीच उनकी राजनीतिक मुश्किलें कुछ हद तक बढ़ जाने के कारण, उन्होंने इसे जल्द लागू करने का फैसला किया है। फिर भी, इसे इतने ‘अधूरे’ तरीके से लागू नहीं किया जाना चाहिए। महिला आरक्षण विधेयक के संबंध में हमारी पार्टी और हमारे दृष्टिकोण से सहमत अन्य पार्टियां, दृढ़ता से मानती हैं कि जब तक ‘कोटा के भीतर कोटा’ का प्रावधान शामिल नहीं किया जाता, तब तक आप जो भी प्रगति करेंगे, चाहे आप चार कदम ही आगे बढ़ें, वह अधूरी और अपूर्ण ही रहेगी।”
महिला आरक्षण विधेयक पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मैं एक बात बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि समाज के गरीब और वंचित वर्गों की यही आशा है कि ईबीसी, ओबीसी, एसटी, एससी और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं के साथ-साथ सामान्य वर्ग की गरीब महिलाओं को भी लोकसभा में स्थान मिले। यदि कोई भी ऐसा विधेयक पेश करने का प्रयास करता है जो ईबीसी, एसटी, एससी और गरीब वर्गों की महिलाओं को हाशिए पर डालता है, तो उसका विरोध किया जाएगा।” न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के इस्तीफे पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मुझे विश्वास नहीं होता कि आज के समय में कोई न्यायाधीश घर में नकदी रखेगा। न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की ठीक से जांच नहीं की गई है।”
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