
भोपाल: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी का मामला पूरे देश में गर्माया हुआ है. इसी बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक बड़ी पदयात्रा का ऐलान कर दिया है. यह यात्रा 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी, जो उज्जैन महाकाल मंदिर से अयोध्या राम मंदिर तक जाएगी. दिग्विजय सिंह ने इस यात्रा के जरिए हिंदू संगठनों और उनके प्रमुखों को एक खास चुनौती दी है.
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट साझा की है. पोस्ट में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने लिखा कि धर्म की रक्षा के लिए RSS और विश्व हिंदू परिषद (VHP) को आगे आना चाहिए. दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि धर्म को ‘चंदा चोरों’ से बचाने की जरूरत है. उन्होंने पदयात्रा का समर्थन करने की मांग की और अपनी पोस्ट के अंत में ‘जय सिया राम’ लिखा.
कांग्रेस पार्टी ने साफ किया कि यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है. पार्टी के अनुसार, इस यात्रा में कोई भी राजनीतिक काम नहीं होगा. कांग्रेस प्रवक्ता मिथुन अहिरवार ने कहा कि बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उन सभी लोगों को इसमें आना चाहिए, जिनकी भगवान राम में आस्था है.
अहिरवार ने कहा, जिन्हें लगता है कि भगवान राम के नाम पर लिए गए चंदे में चोरी हुई है, उन्हें इस यात्रा में जरूर शामिल होना चाहिए. उन्होंने सीधे तौर पर मोहन भागवत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह मानते हैं कि चोरी हुई है तो वे यात्रा में आएं. अगर वे मानते हैं कि कोई चोरी नहीं हुई, तो वे न आएं.
दिग्विजय सिंह के इस कदम पर बीजेपी ने कड़ा रुख अपनाया है. बीजेपी प्रवक्ता डॉ. हितेष वाजपेयी ने तंज कसा कि दिग्विजय सिंह को इस यात्रा में जाकिर नाइक और अपनी समान विचारधारा वाले लोगों को बुलाना चाहिए.
वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, भगवान राम का मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसे हम सबने मिलकर बनाया है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर की घटनाओं पर उत्तर प्रदेश सरकार कड़े फैसले ले रही है. खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा देश की आस्था को चोट पहुंचाने का काम किया है.
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