
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच दो सप्ताह के सीज़फायर (Ceasefire) के बाद अब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत का नया दौर शुरू होने जा रहा है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (Supreme National Security Council) ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होगी।
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक विस्तृत 10 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है, जिसे अब अमेरिकी पक्ष बातचीत के आधार के रूप में इस्तेमाल करेगा। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस प्रस्ताव में कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया है।
प्रस्ताव के प्रमुख बिंदुओं में अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता, होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण बनाए रखना, यूरेनियम संवर्धन की अनुमति, सभी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाना, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को समाप्त करना, ईरान को मुआवजा देना, क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी और लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ जारी संघर्ष समेत सभी मोर्चों पर युद्ध विराम शामिल हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस प्रस्ताव के बाद ही इस्लामाबाद में वार्ता का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का मतलब जमीनी स्तर पर तनाव खत्म होना नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थिति अभी भी संवेदनशील है और किसी भी उकसावे का जवाब दिया जाएगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान ने दो हफ्ते के सीज़फायर को स्वीकार किया है, जिसे वहां के अधिकारियों ने अपनी “जीत” बताया है। यह सीज़फायर पाकिस्तान की मध्यस्थता से संभव हुआ। इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत करीब 15 दिनों तक चल सकती है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है। इसका उद्देश्य एक व्यापक समझौते की रूपरेखा तैयार करना है।
ईरानी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि सीज़फायर के दौरान समुद्री मार्गों पर सीमित सहयोग किया जाएगा और होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकती है।
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार सीज़फायर औपचारिक रूप से तभी प्रभावी माना जाएगा जब ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद आई रिपोर्ट्स में बताया गया कि पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान ने सहमति जताई, जबकि चीन ने भी तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाई।
इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी सीज़फायर को मंजूरी दे दी है। वहीं विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि यदि ईरान पर हमले बंद होते हैं तो वे भी जवाबी कार्रवाई रोक देंगे। उन्होंने सीज़फायर लागू कराने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की भूमिका के लिए आभार जताया।
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