
प्रदेशव्यापी हड़ताल, एक दिन रहेगा काम बंद, नर्सिंग स्टाफ और लैब टेक्नीशियन भी शामिल
इन्दौर। 16 फरवरी को 2 घंटे तो 17 फरवरी से सुपर स्पेशलिटी (Super Specialty), एमटीएच (MTH) सहित जिले के सरकारी अस्पतालों (Government Hospitals) में भी मरीजों (Patients) को इलाज नहीं मिल सकेगा। पूरे मध्यप्रदेश के सभी डॉक्टर (Doctors) एक साथ हड़ताल पर चले जाएंगे।
इंदौर जिले के 2000 डॉक्टर (Doctors) सहित पूरे प्रदेश के 10,000 चिकित्सक एक साथ काम बंद कर रहे हैं। 15 फरवरी से काली पट्टी बांधकर काम शुरू किया जाएगा, वहीं 16 फरवरी को 2 घंटे काम बंद कर सरकार को एक बार फिर डॉक्टरों द्वारा चेतावनी दी जाएगी। यदि इसके बावजूद भी मांगे नहीं मानी गई तो 17 फरवरी से पूरे प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इलाज नहीं मिल सकेगा। ज्ञात हो कि एमवाय अस्पताल में प्रतिदिन हजारों की तादाद में मरीज ओपीडी के लिए पहुंचते हैं, वही हजारों की तादाद मेंं गंभीर मरीज भी इलाज के लिए भर्ती किए जाते हैं, साथ ही पूरे संभाग में होने वाली दुर्घटना के पीडि़त भी इलाज के लिए लाए जाते हैं। यह सभी व्यवस्थाएं ढप हो जाएंगी।
गंभीर मरीजों की फजीयत, सर्जरी भी नहीं होगी
मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर माधव हसानी ने बताया कि 40 जिलों की 6000 किलोमीटर की यात्रा के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों और चिकित्सकों से जानकारी जुटाई गई है, जिसके बाद 7 फरवरी को भोपाल में सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी भी दी गई है, लेकिन उसके बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। डॉक्टरों को अपनी मांगे मनवाने के लिए मजबूरी में कठोर होना पड़ रहा है, जिसके लिए 16 तारीख को 2 घंटे काम बंद रखने के बाद 17 से आंदोलन शुरू किया जाएगा। 17 फरवरी से डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद मरीजों को देखरेख और गंभीर सदस्यों के लिए प्राइवेट अस्पतालों के भरोसे रहना होगा।
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