
नई दिल्ली। अमेरिका (America) ने ईरान (Iran) के साथ हुए सीजफायर समझौते (Ceasefire Deal) को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है और कहा है कि इसमें लेबनान (Lebanon) शामिल नहीं था। इस बयान के बाद पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (PM Shehbaz Sharif) के उस दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें उन्होंने लेबनान को भी इस समझौते का हिस्सा बताया था। इसी बीच इज़राइल (Israel) ने लेबनान में हमले तेज कर दिए हैं, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
अमेरिका ने दूर किया भ्रम
जेडी वेंस ने बुडापेस्ट में कहा कि लेबनान को लेकर गलतफहमी हुई है। उनके अनुसार, ईरान को लगा कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है, जबकि समझौता केवल ईरान और अमेरिका के सहयोगियों—जैसे इजरायल और कुछ अरब देशों—तक सीमित है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी साफ किया था कि लेबनान को इस डील में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वहां हिज्बुल्लाह की वजह से स्थिति अलग है और यह एक अलग संघर्ष का हिस्सा है।
शहबाज के बयान से बढ़ा विवाद
दरअसल, शहबाज शरीफ ने बुधवार को घोषणा की थी कि ईरान और अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ लेबनान सहित सभी क्षेत्रों में तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए दोनों देशों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में वार्ता के लिए आमंत्रित किया था और इसे शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया था।
इजरायल ने भी किया इनकार
बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम लेबनान में जारी सैन्य अभियानों पर लागू नहीं होगा। सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान में हमले तेज कर दिए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में कई लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए हैं। इजरायल का कहना है कि यह समझौता लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाई को प्रभावित नहीं करता।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
लेबनान में इजरायली हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इस कदम के बाद अमेरिका ने इसे तुरंत खोलने की मांग की है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका-ईरान के बीच हुआ यह नाजुक युद्धविराम ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा।
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