
लुधियाना (पंजाब). आयुर्वेद (Ayurveda) ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करते हुए यह साबित किया है कि इसकी प्राकृतिक उपचार (natural remedies) पद्धति प्रभावी होने के साथ-साथ लगभग बिना दुष्प्रभावों के भी है। Dr. Mukesh Sharda, जो Dr. Sharda Ayurveda की सीईओ और संस्थापक हैं, ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और उन्हें Guinness World Records द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। लगभग 5000 वर्ष पुरानी यह चिकित्सा प्रणाली प्राकृतिक है, जो दीर्घकालिक राहत प्रदान करती है और अस्पताल में हजारों मरीजों को लाभ पहुँचा चुकी है। आयुर्वेद और इसके निवारक स्वास्थ्य उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लुधियाना के किंग्सविल रिज़ॉर्ट में डॉ. शारदा आयुर्वेद द्वारा सबसे बड़ा आयुर्वेदिक लेसन आयोजित किया गया। इस सत्र में 1200 से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें मरीजों के साथ-साथ वे लोग भी शामिल थे जो आयुर्वेद की शक्ति में विश्वास रखते हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक लाइव सत्र में भाग लिया, जिसमें बताया गया कि आयुर्वेद किस प्रकार लोगों के जीवन को बेहतर बनाता है और कई दीर्घकालिक रोगों में दीर्घकालिक राहत प्रदान करता है।
इस विशाल आयुर्वेदिक सत्र का मुख्य उद्देश्य आधुनिक समय में महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनके आयुर्वेदिक समाधान पर प्रकाश डालना था। मंच पर संस्थापक डॉ. मुकेश शारदा सहित 5 आयुर्वेदिक चिकित्सकों के पैनल ने महिलाओं से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की और बताया कि आयुर्वेदिक ग्रंथों में महिला स्वास्थ्य के बारे में क्या कहा गया है। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा की जाने वाली आम गलतियाँ, संतुलित आहार और व्यायाम का महत्व, महिला रोग, हार्मोनल संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में आयुर्वेद की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर कई प्रसिद्ध हस्तियाँ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। लुधियाना के मेयर, कई सर्जन, डॉक्टर और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई। डॉ. मुकेश शारदा ने सभी अतिथियों को सम्मानित किया और उपस्थित सभी लोगों ने उनके वर्षों के परिश्रम और आयुर्वेदिक विज्ञान के प्रति समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम सुबह लगभग 11 बजे शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक चला, जिसने आयुर्वेद की प्रामाणिकता और समाज पर उसके सकारात्मक प्रभाव को दर्शाया।
डॉ. मुकेश शारदा – गठिया की विशेषज्ञ
डॉ. मुकेश शारदा आयुर्वेद के माध्यम से गठिया, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द और अन्य कई पुरानी बीमारियों के उपचार के लिए जानी जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एक प्राकृतिक और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जो ऐसी दीर्घकालिक बीमारियों को जड़ से नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य के महत्व को भी रेखांकित किया और समाज में महिलाओं की भूमिका को मजबूत बनाने के लिए उनके स्वास्थ्य की देखभाल को अत्यंत आवश्यक बताया।
डॉ. शारदा आयुर्वेद को मिला यह Guinness World Record वर्षों की कड़ी मेहनत, प्रेरणा, विश्वास और विशेषज्ञों के उस संकल्प का परिणाम है, जिसका उद्देश्य लोगों का उपचार कर दुनिया को स्वस्थ बनाना है। इस उपलब्धि पर देश और विदेश में रहने वाले लोग गर्व महसूस कर रहे हैं कि एक आयुर्वेदिक चिकित्सक ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को नई पहचान दिलाई है।
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