
इंदौर। हर बार होली-रंगपंचमी के लिए पलाश के फूलों से हर्बल रंग और गुलाल बनाने वाली चोरल की प्राथमिक लघु वन उपज सहकारी समिति को इस बार घाटा उठाना पड़ रहा है। हर साल हर्बल रंग और गुलाल के 2000 पैकेट तैयार करने वाली समिति इस बार सिर्फ 1000 पैकेट ही तैयार कर पाई है। समिति का कहना है कि इसके लिए कुछ मौसम की बेईमानी जिम्मेदार है और कुछ होली त्योहार के आने की जल्दबाजी की मेहरबानी जिम्मेदार है।
इंदौर वन विभाग के चोरल फॉरेस्ट रेंज के अधिकारी सचिन वर्मा ने बताया कि हर साल हर्बल रंग और गुलाल बनाने के लिए पलाश के जितने फूलों की जरूरत होती है, इस बार इतने फूल नहीं मिल पाए हैं, क्योंकि पलाश के लिए जितनी गर्मी की जरूरत होती है, उतनी गर्मी मौसम की शुरुआत अभी नहीं हुई है या हो सकता है, इस बार होली का त्योहार का जल्दी आना है।
इसे सिर्फ गर्म मौसम की लेटलतीफी ही कह सकते हैं, क्योंकि पिछले साल 2024 में होली 25 मार्च को थी, मगर साल 2023 में तो होली 8 मार्च को ही थी। इसके अलावा साल 2022 में 18 मार्च को थी। इन तीनों सालों में वन विभाग ने हर साल 2000 पैकेट हर्बल रंग तैयार किया था।
पिछले 3 सालों में लगातार 2000 पैकेट
साल हर्बल पैकेट
2023 2000
2024 2000
2025 2000
2026 1000
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved