
भोपाल। प्रदेश के पांच शहरों में इलेक्ट्रिक बस चलाने की योजना पर वित्त विभाग ने ग्रहण लगा दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (Urban Administration and Development Department) ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन के नगर निगम आयुक्तों (Municipal Commissioners) को एक पत्र लिखकर बता दिया है कि वित्तीय स्थिति के परिपेक्ष्य में राज्य शासन ने योजना को क्रियान्वयन नहीं करने का फैसला लिया है।
एक करोड़ की एक बस
बताया जाता है कि एक स्मार्ट बस की कीमत एक करोड़ रुपए के आसपास है। बताया जाता है कि पहले फिलहाल स्मार्ट बसें शहर से बाहर नहीं जाएंगी। इन्हें शहर के भीतर ही चलाया जाएगा। बसों को चार्ज करने के लिए दो से तीन डिपो भी बनाए जाएंगे। यहां पर रात को बसें खड़े कर चार्ज किया जाएगा। इसके बाद दूसरे दिन यह रवाना की जाएंगी।
एक नजर
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