
लखनऊ । कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत (Congress leader Surendra Rajput) ने कहा कि चुनाव आयोग (Election Commission) भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है (Is working at the behest of BJP) । सुरेंद्र राजपूत ने केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को परिणाम के बीच गैप पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आयोग और भाजपा को बताना चाहिए कि कहीं कोई मिली-जुली कबड्डी खेलने की कोशिश तो नहीं की जा रही है।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि 9 अप्रैल को चुनाव और 4 मई को रिजल्ट का क्या मतलब है? क्या इसमें भाजपा से साठगांठ है। एक तरफ तो आप कहते हैं कि बैलट पेपर इसलिए हटाए, ईवीएम पर इसलिए किया कि नतीजे तुरंत मिल जाएं। 9 अप्रैल को जिस आदमी ने मतदान किया है, उसका अधिकार है दो दिन में, तीन दिन में, चार दिन में नतीजे आ जाएं, लेकिन 4 मई को नतीजे आ रहे हैं। इन सारे सवालों का जवाब चुनाव आयोग को और भारतीय जनता पार्टी को देना होगा कि कहीं कोई मिली-जुली कबड्डी तो नहीं खेल रहे हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पद से हटाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि हमें चुनाव आयुक्त से यही अपेक्षा थी। चुनाव आयोग तो बंगाल की सरकार को अपना दुश्मन मानता है, क्योंकिआयोग भाजपा के कहने पर काम कर रहा है। जब हम कई राज्यों के मुख्य सचिव या डीजीपी को लेकर शिकायत करते थे, तो चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करता है, भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में कार्रवाई करता है।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बयान ‘राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के लिए 5-5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया’ इस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि निश्चित तौर पर भारतीय जनता पार्टी आज से थोड़ी ये काम कर रही है। मध्य प्रदेश में सरकार इसी तरीके से इन्होंने गिराई। पूर्वोत्तर राज्यों में, कर्नाटक में सरकार इसी तरीके से गिराई इन लोगों ने। राजस्थान में इसी तरीके से गिराने की कोशिश की थी, जिसको अशोक गहलोत ने फेल कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी पैसे से लोभ और लालच देकर, वो किसी भी तरीके से लोकतंत्र को कमजोर करने का जो प्रयास कर रही है, इसके गंभीर परिणाम मिलेंगे।
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