
नई दिल्ली ।चीनी (Sugar) का सेवन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए केवल चाय, मिठाई और मीठे व्यंजनों से दूरी बनाना पर्याप्त नहीं माना जाता। रोजमर्रा के कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिनका स्वाद बहुत ज्यादा मीठा नहीं होता, लेकिन उनमें अतिरिक्त चीनी मौजूद हो सकती है। सॉस (Sauce), टोमैटो केचप (Tomato Ketchup), पैकेज्ड जूस (Packaged Juice) और फ्लेवर्ड दही (Flavored Yogurt) जैसे उत्पाद अनजाने में रोज की डाइट में शुगर की मात्रा बढ़ा सकते हैं।
स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यधिक चीनी का सेवन चिंता का विषय माना जाता है। डाइट में जरूरत से ज्यादा शुगर होने पर वजन बढ़ने और मोटापे का जोखिम बढ़ सकता है। लंबे समय तक असंतुलित खान-पान कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ आमतौर पर केवल दिखाई देने वाली चीनी पर ध्यान देने के बजाय पूरे दिन में ली जाने वाली कुल अतिरिक्त चीनी पर नजर रखने की सलाह देते हैं।
चीनी कम करने का मतलब यह नहीं है कि हर खाद्य पदार्थ से प्राकृतिक रूप से मौजूद शुगर को खत्म करना जरूरी है। असली चुनौती उन उत्पादों की पहचान करना है, जिनमें स्वाद, बनावट या संरक्षण के लिए अतिरिक्त चीनी मिलाई जाती है। पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल पढ़ना इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकता है।
टोमैटो केचप और दूसरी सॉस इसका सामान्य उदाहरण हैं। ये उत्पाद नमकीन या खट्टे स्वाद वाले लग सकते हैं, लेकिन इनमें अतिरिक्त चीनी शामिल हो सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक टेबलस्पून केचप में करीब चार ग्राम तक अतिरिक्त चीनी हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति भोजन के साथ नियमित रूप से सॉस या केचप लेता है, तो पूरे दिन की कुल शुगर खपत बढ़ सकती है।
पैकेज्ड जूस को लेकर भी सावधानी जरूरी है। केवल फल से बना होने या पैकेट पर फलों की तस्वीर होने से कोई जूस अपने आप कम चीनी वाला उत्पाद नहीं बन जाता। कई पैक्ड ड्रिंक्स में अतिरिक्त चीनी हो सकती है। इसके अलावा पूरे फल की तुलना में जूस में फाइबर की मात्रा कम हो सकती है, जिससे पेट भरने का अनुभव भी अलग होता है। इसलिए फल खाने को अक्सर जूस पीने की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है।
फ्लेवर्ड दही भी उन उत्पादों में शामिल हो सकता है, जिन्हें लोग स्वस्थ विकल्प समझकर खाते हैं। दही अपने प्राकृतिक रूप में पौष्टिक खाद्य पदार्थ हो सकता है, लेकिन स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें चीनी या मीठे फ्लेवर मिलाए जा सकते हैं। ऐसे उत्पाद खरीदते समय पोषण संबंधी जानकारी और सामग्री की सूची देखना उपयोगी रहता है।
बिस्किट, ब्रेकफास्ट सीरियल, ग्रेनोला और कुछ अन्य पैकेज्ड स्नैक्स में भी अतिरिक्त शुगर हो सकती है। कई उत्पादों को हेल्दी या फिटनेस फ्रेंडली बताकर पेश किया जाता है, लेकिन केवल पैकेजिंग पर लिखे दावों के आधार पर फैसला करना उचित नहीं है। खाद्य लेबल पर कुल शुगर और अतिरिक्त चीनी की जानकारी देखना अधिक उपयोगी हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रोज की डाइट में चीनी की मात्रा सीमित रखना जरूरी है। सामान्य तौर पर कुल कैलोरी में फ्री शुगर का हिस्सा 10 प्रतिशत से कम रखने की सलाह दी जाती है। 2,000 कैलोरी वाली डाइट के हिसाब से यह लगभग 50 ग्राम फ्री शुगर के बराबर है। हालांकि व्यक्तिगत जरूरत उम्र, स्वास्थ्य और कुल डाइट पर निर्भर कर सकती है।
इसलिए चीनी कम करने के लिए केवल चीनी का डिब्बा हटाना पर्याप्त नहीं है। पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ना, बिना अतिरिक्त चीनी वाले विकल्प चुनना और पूरे फल जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना डाइट में अनावश्यक शुगर कम करने की दिशा में मदद कर सकता है।
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