
उज्जैन: उज्जैन (Ujjain) के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में उत्साह का माहौल है. महाशिवरात्रि पर्व (Mahashivaratri Festival) की जोरशोर से तैयारी चल रही है. महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल के विवाह की तैयारी में मंगल गीत गाए जा रहे हैं. महिला श्रद्धालु मांगलिक गीतों पर नृत्य भी कर रही हैं. बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर में दूसरे ज्योतिर्लिंगों के मुकाबले अलग परंपराओं का निर्वहन होता है. मांगलिक गीतों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बन गया है.
भगवान महाकाल के विवाह की तैयारी धूमधाम से चल रही है. विवाह की खुशी में हल्दी, मेहंदी और मंगल गीत की परंपरा निभाई जाती है. ठीक उसी तर्ज पर महाकालेश्वर मंदिर में भी भगवान महाकाल के विवाह की सभी परंपराओं का निर्वहन किया जाता है. श्रद्धालु भगवान महाकाल को हल्दी और मेहंदी लगाने में जुटे हैं. शिव भक्त हल्दी लगाकर भगवान के विवाह की खुशी जाहिर कर रहे हैं. महाशिवरात्रि पर्व के अगले दिन भगवान महाकाल को दूल्हे की तरह सजाया जाएगा.
अभी से बड़ी संख्या में शिव भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचने लगे हैं. महिला श्रद्धालु सुनीता सिंह पिछले दो-तीन सालों से लगातार भगवान महाकाल के दरबार में आयोजित होने वाला महाशिवरात्रि महोत्सव का हिस्सा बन रही हैं. उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि महोत्सव के आयोजन में हिस्सा लेकर मन को संतुष्टि मिलती है. महाकालेश्वर मंदिर में बरसों से महाशिवरात्रि पर्व पर परंपरा निभाई जाती है.
महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल का विवाह होता है. विवाह की खुशी में भगवान महाकाल के सर पर सेहरा भी सजाया जाता है. महाकालेश्वर भगवान को हल्दी और मेहंदी लगाने की भी परंपरा है. महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी आशीष गुरु बताते हैं कि शिव नवरात्रि के दौरान भगवान महाकाल को अलग-अलग रूपों में दूल्हा बनाया जाता है. महिला श्रद्धालु मंगल गीत और नृत्य कर भगवान महाकाल के विवाह समारोह की खुशी जाहिर करती हैं.
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