
नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central Government) इस बार बजट (Budget) 2026-27 में किसानों (Farmers) और ग्रामीण इलाकों (Rural Areas) के विकास पर फोकस कर सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 2026-27 के आने वाले बजट में बड़ी योजनाओं के लिए डबल-डिजिट की बढ़त के साथ ग्रामीण इलाकों पर अपना ध्यान और मजबूत करने की तैयारी में है.
इस वित्तीय वर्ष में ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए 1.88 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 8% ज्यादा है. लोगों ने बताया कि एक नए कानून के तहत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 2026-27 में मौजूदा साल के संशोधित अनुमान से करीब 11% ज्यादा पैसा दिया जा सकता है. वहीं, ग्रामीण आवास और ग्रामीण सड़कों की योजनाओं में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना है.
मौजूदा वित्तीय वर्ष में सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के लिए 86,000 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लिए 54,832 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के लिए 19,000 करोड़ रुपये का बजट रखा था. कुल मिलाकर, इन तीनों योजनाओं का हिस्सा इस साल ग्रामीण विकास मंत्रालय के कुल बजट का लगभग 85% था.
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G योजना, जिसके लिए 2026-27 में 95,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च का अनुमान है, को MGNREGS की जगह लाने का प्रस्ताव है. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट में अच्छी बढ़ोतरी की मांग की है. अगले साल अहम योजनाओं के बजट में इस साल के संशोधित अनुमान के मुकाबले डबल-डिजिट बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
इन योजनाओं के तहत ग्रामीण इलाकों में ज्यादा खर्च से अंदरूनी क्षेत्रों में स्थायी संपत्तियां बनेंगी, जिससे आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी और ग्रामीण मांग को भी सहारा मिलेगा. ग्रामीण आवास और सड़क जैसी योजनाओं का आर्थिक फायदा ज्यादा होता है, जबकि रोजगार गारंटी योजना से अकुशल ग्रामीण मजदूरों की आमदनी बढ़ती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीद से कम खर्च होने के कारण मौजूदा वित्तीय वर्ष के संशोधित अनुमान में PMAY-G और PMGSY के बजट में काफी कटौती की जाएगी. कैबिनेट ने 2024 में देशभर में पांच साल में 3 करोड़ नए घर बनाने के लिए 3.06 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए थे. इनमें से 2 करोड़ घर PMAY-G के तहत ग्रामीण इलाकों में बनाए जाने हैं.
इस वित्तीय वर्ष में नए सर्वे के जरिए पात्र लाभार्थियों की पहचान में ज्यादा समय लगने के कारण नए चरण में घरों के निर्माण पर असर पड़ा है. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस साल 3.51 मिलियन घर पूरे करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक केवल 1.8 मिलियन घर ही बन पाए हैं. आने वाले महीनों में निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है, क्योंकि लाभार्थियों की सूची को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है. इसके लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत होगी.
ग्रामीण सड़कों की बात करें तो, इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत खर्च उम्मीद से कम रहा है, क्योंकि नए चरण में शामिल किए जाने वाले गांवों की सूची तैयार करने में अधिक समय लगा. सरकार ने सितंबर 2024 में मौजूदा योजना में बदलाव करते हुए PMGSY के चौथे और नए चरण के लिए पांच साल का 70,125 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया था.
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