
रोहतक। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने गत दिनों दिल्ली में हुई हिंसा की उच्च स्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच करवा दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की ट्रैक्टर परेड पूरी तरह से शांतिपूर्ण थी और लाल किले पर हुई हिंसा सरकारी षडयंत्र का परिणाम है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों की सभी मांगे जायज है और सरकार को बातचीत कर तुंरत इसका समाधान करना चाहिए।
पूर्व सीएम ने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल किसान आंदोलन का नेतृत्व नहीं कर रहे है, जबकि इस आंदोलन का नेतृत्व स्वयं किसान कर रहे है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से किसानों के साथ है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा जारी बजट पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस बजट से गरीब व आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली है।
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उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ गई है और लाभ कम हो गया है। इसी तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बजट में कोई खास प्रवाधान नहीं रखा गया है। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला द्वारा दिए गए इस्तीफे पर भी पूर्व सीएम हुड्डा ने निशाना साधा और कहा कि अभय चौटाला के इस्तीफे से सरकार को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि अभय चौटाला को मैदान नहीं छोडऩा चाहिए था, जबकि उन्हें मजबूती के साथ किसानों की आवाज को बुलंद करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि तीन फरवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें प्रदेश की वर्तमान स्थिती व किसान आंदोलन पर गहन विचार विमर्श कर भावी रणनीति तय की जाएगी। किसान आंदोलन के दौरान बोर्डरों पर सरकार द्वारा पानी-बिजली व अन्य सुविधाएं रोकने को लेकर भी उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि सरकार जो किसानों के साथ अमानवीय कदम उठा रही है, वह सरासर अन्यायपूर्ण है। (एजेंसी, हि.स.)
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