कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से पहले भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए लोगों से एकजुट होकर भाजपा (BJP) को रोकने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर समाज में विभाजन पैदा कर रही है और बंगाल की संस्कृति को समझे बिना अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रही है।
मालदा जिले के मणिकचक में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “अगर आप अगले पांच साल शांति से जीना चाहते हैं तो भाजपा को रोकने के लिए एकजुट होना होगा। वे किसी भी धर्म का सम्मान नहीं करते। मां काली के प्रसाद में मछली और मांस दोनों शामिल हैं, फिर भाजपा किस धर्म की बात कर रही है? उन्हें पहले बंगाल की परंपराओं को समझना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। ममता ने कहा कि लोगों को उकसाकर गिरफ्तारियां कराई जा रही हैं और निर्दोषों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने National Investigation Agency, Central Bureau of Investigation और Enforcement Directorate सहित अन्य एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी उकसावे में न आएं और शांतिपूर्वक मतदान करें। उन्होंने भाजपा और Indian National Congress के बीच गुप्त समझौते का भी आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर अन्य दलों को वोट दिया गया तो एनआरसी लागू कर डिटेंशन कैंप बनाए जा सकते हैं, हालांकि उनकी सरकार किसी को भी ऐसे कैंप में नहीं जाने देगी।
खान-पान के मुद्दे पर भी ममता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “वे कहते हैं कि मछली, मांस और अंडा मत खाओ। गरीब लोग क्या खाएंगे? बंगाली बोलने वालों को घुसपैठिया बताया जा रहा है और प्रवासी मजदूरों को मतदान से रोकने की कोशिश हो रही है।”
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल के मताधिकार को प्रभावित करना चाहती है और एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी के उम्मीदवारों पर दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा और जनता महंगाई व सामाजिक तनाव का जवाब वोट से देगी।
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