नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश कंबोडिया (Cambodia) की गुफाओं में हुए हालिया सर्वे ने वैज्ञानिकों (scientists) को चौंका दिया है। यहां ऐसी दुर्लभ प्रजातियां (rare species) सामने आई हैं, जिनमें हवा में फिसलकर आगे बढ़ने वाले सांप, बेहद छोटे घोंघे और मिलीपीड शामिल हैं। खास तौर पर “उड़ने वाले” सांपों की खोज ने विशेषज्ञों और आम लोगों दोनों का ध्यान खींचा है।
रिपोर्ट के अनुसार, बट्टमबांग के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की कई गुफाओं में यह अनोखी जैव विविधता दर्ज की गई। इन सांपों की खासियत यह है कि वे पेड़ों के बीच जाने के लिए अपने शरीर को चपटा कर लेते हैं और हवा में फिसलते हुए दूरी तय कर लेते हैं। इस तरह वे बिना जमीन पर उतरे एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक पहुंच जाते हैं। सर्वे में फिरोजी रंग का पिट वाइपर भी पाया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह अध्ययन नवंबर 2023 से जुलाई 2025 के बीच 10 पहाड़ियों में फैली 64 गुफाओं में किया गया। इसमें वाइपर और गेको की तीन नई प्रजातियों को औपचारिक नाम देने की प्रक्रिया जारी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यहां की हर गुफा अलग-थलग “प्राकृतिक प्रयोगशाला” की तरह काम करती है, जहां जीव अपने सीमित पर्यावरण के अनुरूप विकसित हुए हैं।
ब्रिटेन की संरक्षण संस्था Flora & Fauna ने कंबोडिया पर्यावरण मंत्रालय और स्थानीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर यह सर्वे किया। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस क्षेत्र की चट्टानी संरचना के कारण अलग-अलग गुफाओं में विशिष्ट जीव विकसित हुए हैं।
ली ग्रिसमर, जो La Sierra University में जीवविज्ञान के प्रोफेसर हैं, ने कहा कि हर स्थान को जैव विविधता के छोटे नमूने की तरह समझा जा सकता है, जहां प्रकृति बार-बार अलग-अलग प्रयोग करती है। डीएनए विश्लेषण से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन प्रजातियों का विकास किन परिस्थितियों में हुआ।
सर्वे के दौरान इस क्षेत्र में संकटग्रस्त जीव जैसे सुंडा पैंगोलिन, हरे मोर, लंबी पूंछ वाले मकाक और उत्तरी पिग-टेल्ड मकाक भी दर्ज किए गए। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि जैव विविधता को बचाना है, तो पहले इन अनदेखी प्रजातियों की पहचान करना बेहद जरूरी है।
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