
कोलकाता। चुनाव आयोग (Election Commission) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए तैयारियों को तेज कर दिया है। राज्य के सभी 294 रिटर्निंग ऑफिसर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया के हर चरण को सही तरीके से लागू करने पर जोर रखा गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मतदान (Voting) समाप्त होने के बाद हर पोलिंग एजेंट को Form 17C की हस्ताक्षरित प्रति जरूर दी जाए, जिसमें वोटों का पूरा हिसाब लिखा हो।
प्रशिक्षण और डिजिटल निगरानी
यह प्रशिक्षण जलपाईगुड़ी, मालदा, प्रेसिडेंसी, बर्धवान और मिदनापुर के डिविजनल मुख्यालयों में आयोजित किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले ही स्पष्ट किया था कि चुनाव पूरी तरह हिंसा, डर और लालच से मुक्त होना चाहिए। प्रशिक्षण में नामांकन, उम्मीदवारों की जांच, आचार संहिता का पालन, चुनाव चिन्ह आवंटन और वोटों की गिनती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी गई। साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET के माध्यम से हर दो घंटे में वोटिंग का डेटा अपलोड करने की व्यवस्था बताई गई, जिससे रियल-टाइम में मतदान के रुझान देखे जा सकेंगे।
चुनाव ड्यूटी में गड़बड़ी पर कार्रवाई
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले आयोग ने पूर्वी मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट और जिला चुनाव अधिकारी को हटाया। शिकायत मिली थी कि नियमों के खिलाफ सूची में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को शामिल किया गया था। आईएएस अधिकारी यूनिस रिशिन इस्माइल का ट्रांसफर कर दिया गया और उनकी जगह निरंजन कुमार को जिम्मेदारी दी गई। मुख्य चुनाव अधिकारी को मामले की तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया।
मनोज तिवारी को भाजपा का ऑफर
पूर्व क्रिकेटर और मंत्री मनोज तिवारी को टीएमसी ने इस बार टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्हें भाजपा की तरफ से ऑफर मिला, लेकिन उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया। मनोज तिवारी ने कहा कि वह जल्दबाजी में फैसला नहीं करना चाहते और पहले परिवार से विचार करेंगे। उन्होंने बताया कि टिकट न मिलने से दुख हुआ, लेकिन इसे भगवान की मर्जी माना।
NPP का असम में विस्तार
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनरॉड के. संगमा ने कहा कि उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी असम में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। इस बार असम में तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए हैं। संगमा ने बताया कि पार्टी स्थानीय नेताओं के संपर्क के आधार पर धीरे-धीरे राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करेगी और यह चुनाव लंबी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
केरल में प्रचार के लिए माणिक साहा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार करेंगे। वह 27 मार्च को केरल पहुंचेंगे और कन्नूर व धर्मडोम में दो रैलियों को संबोधित करेंगे। रैलियों में भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन किया जाएगा। पार्टी को उम्मीद है कि यह प्रचार कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ाएगा और चुनाव में बेहतर प्रदर्शन होगा।
तृणमूल ने दिलीप घोष के खिलाफ शिकायत दर्ज की
तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास भाजपा नेता दिलीप घोष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि घोष ने खड़गपुर में रैली के दौरान पुलिसकर्मियों को धमकी दी। पार्टी ने कानूनी कार्रवाई करने और धमकी भरे बयान रोकने की मांग की है।
असम में नामांकन की स्थिति
असम विधानसभा चुनाव के लिए 776 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए। 124 सीटों पर जांच पूरी हो चुकी है, जबकि बरपेटा (एससी) और ढेकियाजुली सीट पर जांच 25 मार्च तक स्थगित है। कुल 815 उम्मीदवारों ने 1,389 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नाम वापसी की अंतिम तिथि 26 मार्च है। ढेकियाजुली और बरपेटा (एससी) सीट पर कुछ उम्मीदवारों के पर्चे अभी लंबित हैं।
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