
मुंबई। गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली को बीएमसी चुनाव में बड़ा झटका लगा है। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव में गवली की दोनों बेटियां पहली बार चुनाव लड़ रही थीं लेकिन उन्हें हार मिली। गीता और योगिता गवली अपने पिता की बनाई पार्टी अखिल भारतीय सेना के टिकट पर चुनाव लड़ रही थीं।
गीता गवली को बायकुला के वार्ड 212 में समाजवादी पार्टी की अमरीन शहज़ान अब्राहानी ने हराया। जबकि योगिता गवली वार्ड 207 में बीजेपी के रोहिदास लोखंडे से हार गईं। दोनों हार मुंबई में गवली परिवार के घटते राजनीतिक असर का संकेत देती हैं।
बता दें कि अरुण गवली एक खतरनाक गैंगस्टर था जो 1970 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड में आया था। वह और उसका भाई किशोर ‘बायकुला कंपनी’ का हिस्सा थे, जो एक क्रिमिनल गैंग था जो सेंट्रल मुंबई के बायकुला, परेल और सात रास्ता इलाकों में काम करता था। अरुण गवली ने 1988 में गैंग संभाला और 80 और 90 के दशक के आखिर में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गैंग के साथ पावर की लड़ाई में शामिल रहा।
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