
उज्जैन। 15 करोड़ के डीपीएफ घोटाले में गिरफ्तार उज्जैन भैरवगढ़ जेल की पूर्व अधीक्षक उषा राजे को जिला जेल के बैरक नंबर 1 में रखा गया है, जहां वह तीन दिनों से सजा याफ्ता महिला बंदियों के बीच समय बिता रही है। इस वार्ड में 18 महिलाएं हैं, जो आजीवन कारावास की सजा काट रही हैं। इंदौर के जेलर आलोक वाजपेयी का कहना है कि पूर्व जेल अधिकारी को दो दिन पूर्व सेंट्रल से यहां स्थानांतरित किया गया था। उषा राजे ने भोजन भी नहीं किया और चुपचाप अपने बैरक में बैठी रही।
उसका कहना था कि कभी सोचा भी नहीं था कि यह दिन भी देखने को मिलेंगे। भैरवगढ़ जेल में बंदियों के साथ रूखा व्यवहार करने वाली उषा राजे को जब जिला जेल लाया गया तो उसने बीमार होने की नाटक-नौटंकी की और पलंग उपलब्ध कराने के लिए जेलर से कहा, लेकिन जेल अधिकारी ने उसकी बात नहीं मानी तथा उसे सामान्य कैदियों के बीच रहने के लिए कहा। उल्लेखनीय है कि पूर्व जेल अधीक्षक उषा राज ने अपने साथियों के साथ मिलकर डीपीएफ घोटाला किया है। उनके साथ अकाउंटेंट रिपुदमन व अन्य लोग शामिल हैं।
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