
नई दिल्ली । अमेरिका में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई(Possible military action against Iran) को लेकर विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। इसी बीच यूनाइटेड स्टेट्स सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति (Armed Services Committee)की एक सुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी (chaos)मच गई, जब एक पूर्व अमेरिकी सैनिक(Former US soldier) ने ईरान पर हमले के विरोध(Protests against attacks on Iran) में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात तब बिगड़ गए जब सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें जबरन बाहर निकालने की कोशिश की और इस दौरान हुई झड़प में उनका हाथ टूट गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
घायल प्रदर्शनकारी की पहचान ब्रायन मैकगिनेस के रूप में हुई है, जो वर्ष 2000 से 2004 तक यूनाइटेड स्टेट्स मरीन कॉर्प्स में सार्जेंट के पद पर तैनात रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि सीनेट की सुनवाई के दौरान मैकगिनेस ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद यूएस कैपिटल पुलिस ने उन्हें हॉल से बाहर निकालने की कोशिश की।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब पुलिस उन्हें बाहर ले जाने लगी तो मैकगिनेस ने दरवाजे के फ्रेम को पकड़ लिया और खुद को हटाने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान दरवाजे में उनका हाथ फंस गया और खींचतान के बीच उनका हाथ टूट गया। कमरे में मौजूद लोगों की आवाजें भी वीडियो में सुनाई देती हैं, जहां कुछ लोग चिल्लाते हुए कहते हैं, उसका हाथ… उसका हाथ… ओह माय गॉड। वहीं पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारी से दरवाजा छोड़ने के लिए कहते हुए सुनाई देते हैं।
इस घटना में एक अमेरिकी सांसद की भूमिका भी सामने आई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारियों के साथ अमेरिकी सीनेटर टिम शीही भी प्रदर्शनकारी को बाहर निकालने में मदद करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और अंततः पुलिस ने मैकगिनेस को हॉल से बाहर कर दिया।
बाहर ले जाए जाने के दौरान मैकगिनेस जोर-जोर से चिल्लाते हुए कहते सुने गए, “कोई भी सैनिक इजरायल के लिए लड़ना नहीं चाहता।” उनका यह बयान पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य भूमिका और इजरायल के समर्थन को लेकर उनके विरोध को दर्शाता है।
घटना के बाद सीनेटर टिम शीही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कैपिटल पुलिस एक असंतुलित प्रदर्शनकारी को हटाने की कोशिश कर रही थी और वह केवल स्थिति को नियंत्रित करने में मदद कर रहे थे। शीही ने लिखा कि यह व्यक्ति टकराव के इरादे से कैपिटल आया था और उसे वही मिला जिसकी वह तलाश कर रहा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि घायल प्रदर्शनकारी को उचित चिकित्सा सहायता मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।
यह वीडियो सामने आने के बाद अमेरिका में ईरान नीति और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य गतिविधियों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना अमेरिकी समाज और राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण को भी दर्शाती है। साथ ही यह भी संकेत देती है कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में अमेरिका की भूमिका को लेकर देश के भीतर भी गहरी असहमति मौजूद है।
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